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#Lockdown में अब तक गिरिडीह जिले को मिल चुका है 11 लाख मीट्रिक टन अनाज : डीसी

  • प्रेसवार्ता कर डीसी दे रहे थे जिले में बेहतर तरीके से हो रहे अनाज वितरण की जानकारी, दूसरी तरफ कांग्रेस नेता के घर पहुंच कर महिलाओं ने की अनाज की मांग
  • हेल्पलाइन नंबरों पर जिले के बाहरी मजदूरों से कॉल पर मिल रहा गलत आंकड़ा

Giridih: लॉकडाउन में राशन डीलर द्वारा कालाबजारी की शिकायत लगातार मिलने के बाद जिले में अब तक 11 राशन डीलर के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है जबकि 18 डीलरों को शोकॉज किया गया है. शनिवार को प्रेसवार्ता कर गिरिडीह डीसी राहुल सिन्हा ने यह जानकारी दिया.

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उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही हर एक को अनाज पहुंचाने की दिशा में स्थानीय प्रशासन लगातार प्रयासरत है. जिले को अब तक 11 लाख 11 हजार 131 मीट्रिक टन चावल हासिल हुआ जिसमें जिले के एक हजार 985 राशन डीलर तक अप्रैल माह का चावल वितरण हो चुका है.

आपूर्ति विभाग से मिले आंकड़ो के आधार पर डीसी ने कहा कि जिले में चार लाख 81 हजार सामान्य कार्डधाक है जिसमें परिवार के सदस्यों की संख्या 21 लाख 1 हजार 688 है.

इन 21 लाख परिवारों के हर सदस्यों को प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज अप्रैल माह का दिया जा चुका है. इसी प्रकार लाल कार्डधारियों की संख्या तीन लाख 31 हजार कार्डधारी हैं तो 17 लाख 49 हजार परिवार के सदस्यों की संख्या है. जबकि अंत्योदय कार्डधारियों की संख्या 68 हजार है.

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अंत्योदय कार्ड के तीन लाख 52 हजार लाभुकों को अप्रैल-मई माह मिलाकर 70 किलो अनाज देने की प्रकिया चल रही है.

मई के अग्रिम चावल वितरण किए जाने को लेकर डीसी ने कहा कि अगले माह अंत्योदय कार्डधारियों को डीलर के पास नहीं पहुंचना पड़े. इसलिए अग्रिम वितरण करने की प्रकिया चल रही है.

वहीं अन्नपूर्णा योजना के लाभुकों के आंकड़े को लेकर डीसी ने कहा कि जिले के छह हजार 984 लाभुकों को 21 किलो चावल दिया जा चुका है.

इस दौरान एक सवाल के जवाब में डीसी ने कहा कि जिन राशन डीलरों द्वारा कालाबाजारी की शिकायत मिल रही है. उसके अनुसार कार्रवाई भी की जा रही है.

डीलरों को पर्याप्त आवंटन देने के बाद भी लाभुकों को सही मात्रा में अनाज नहीं मिलने के सवाल पर डीसी संतोषजनक जवाब नहीं दिया.

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मजदूरों के कॉल आना जारी

अन्य सवाल के जवाब में डीसी ने कहा कि लॉकडाउन की घोषणा के बाद से अब तक जितने हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक किये गये हैं उनपर अभी भी जिले के मजदूरों के कॉल आना जारी है.

अब तक दो लाख 99 हजार मजदूरों के महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, यूपी समेत अन्य राज्यों में होने की बात सामने आयी है.

कॉल करने वाले लोगों द्वारा कुछ गलत आंकड़ा देने की बात डीसी ने प्रेसवार्ता के क्रम में दिया. यह भी बताया कि उसी नंबर पर कॉल करने के बाद बातचीत में अपने साथ सिर्फ तीन से चार मजदूर होने की बात कहते है.

फिलहाल, जितने कॉल आये, उसके आधार पर वैसे मजदूरों का डाटा जुटाकर मुखिया के सहयोग से खाता नंबर लेकर भुगतान किया जा रहा है.

इस बीच अतिवीर स्टील के चाइना प्लांट के मजदूरों के वेतन भुगतान नहीं होने के सवाल का जवाब देते हुए डीसी ने 250 सौ मजदूरों के वेतन भुगतान की बात कही.

लेकिन चाइना प्लांट में बिहार के कार्यरत एक मजदूर ने जानकारी दी कि अब तक सिर्फ दस मजदूरों का भुगतान किया गया है.

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र्जन भर महिलाएं अनाज न मिलने की शिकायत लेकर कांग्रेस नेता के घर पहुंचीं

इधर डीसी शनिवार को अनाज वितरण पर प्रेसवार्ता कर रहे थे, तो दूसरी तरफ सदर प्रखंड के ही सीसीएल क्षेत्र की दर्जन भर महिलाएं कांग्रेस नेता नदीम अख्तर के घर पहुंच कर राशन नहीं मिलने की भी शिकायत की,

इनमें खतिजा बानो, शबनम प्रवीण, खुशबू प्रवीण, सलमा खातून, रजिया खातून समेत अन्य महिलाएं थीं, जो कांग्रेस नेता के घर पहुंच कर अनाज देने की मांग कर रही थीं.

ऑरेंज जोन में गिरिडीह के आते ही लॉकडाउन में ढिलाई बरतने लगे अधिकारी

न ही कोरोना के संक्रमण का खतरा खत्म हुआ और ना ही लॉकडाउन टूटा है. इसके बावजूद दूसरे चरण के लॉकडाउन के चौथे दिन शनिवार को गिरिडीह शहर के चौक-चौराहों में भीड़ ने चिंता बढ़ा दी है.

शनिवार की सुबह एक नहीं, शहर के आधा दर्जन से अधिक चौक-चौराहों में सब्जी व फलों की दुकानें लगी थीं, तो इन दुकानों में खरीदारों की भीड़ भी थी.

हर दुकान में ग्राहकों की भीड़ एक-दूसरे के नजदीक होकर फल व सब्जियों की खरीदारी कर रही थी. लेकिन पूरे शहर में ना तो पुलिस ही नजर आ रही थी, और ना ही प्रशासनिक अधिकारी.

हालांकि दोपहर में डीएसपी विनोद रवानी और संतोष मिश्रा यातायात प्रभारी रतन सिंह के साथ खानापूर्ति के लिए शहर के टॉवर चौक में वाहनों को रोक कर जांच कर रहे थे.

इस बीच गिरिडीह के सिविल सर्जन ने शनिवार को एक बार फिर जानकारी दी कि नित्यदिन संदिग्ध लोगों के ब्लड सैंपल तो भेजे जा रहे हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आयी है.

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