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प्रेझा फाउंडेशन पर सीता सोरेन का सवाल, सीएम से कहा- विशेष समर्थन से बाहरी एजेंसी हो रही मालामाल

Ranchi : विधायक सीता सोरेन प्रेझा फाउंडेशन को लेकर चिंतित हैं. शिकायत भी है. उनके मुताबिक यह एक बाहरी एजेंसी है. बावजूद इसके राज्य के आइटीआई, नर्सिंग कॉलेजों के संचालन में इस कंपनी का रुतबा है. यह बेहद दिलचस्प है. उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन के अलावा मंत्री चंपई सोरेन से प्रेझा फाउंडेशन को लेकर सवाल भी पूछा है.

 

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सीता सोरेन ने कहा है कि यह फाउंडेशन कल्याण विभाग के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग से भी पैसे ले रहा है. मुंबई के इस फाउंडेशन पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार में विशेष संरक्षण मिला. इस सरकार में यही बात दिख रही. क्या राज्य में एक भी एजेंसी ऐसी नहीं है जो प्रेझा फाउंडेशन द्वारा किये जा रहे कार्यों को अपने जिम्मे ले सके. अप्रत्यक्ष रूप से सीता ने ऐसी एजेंसी को आईटीआई और नर्सिंग कॉलेजों के संचालन का मौका दिये जाने की मांग की है जो झारखंडी हो.

नर्सिंग कॉलेजों के जरिये रोजगार की पहल

गौरतलब है कि प्रेझा फाउंडेशन को रघुवर सरकार में 4 नर्सिंग कॉलेजों ए.एन.एम नर्सिंग कॉलेज, इटकी (रांची), ए.एन.एम नर्सिंग कॉलेज, राजनगर (सरायकेला), ए.एन.एम नर्सिंग कॉलेज, गुमला और ए.एन.एम नर्सिंग कॉलेज, बरहेट (साहेबगंज) के संचालन का मौका मिला. इनमें झारखंड की एससी, एसटी क्लास एवं अल्पसंख्यक क्लास की बारहवीं पास लड़कियों को टेस्ट लेकर एडमिशन दिया जाता है. हर कॉलेज में 120-120 सीट निर्धारित है.

इसी तरह से आईटीआई कलिनरी कामी शेफ, रांची तथा आईटीआई मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन कौशल कॉलेज, रांची में दसवीं पास लड़कियों को एडमिशन दिया जाता है. 1 साल के इस प्रोग्राम के लिये दोनों कॉलेजों में 90-90 सीट झारखंड की आरक्षित वर्ग की लड़कियों के लिये रिजर्व रखा गया है.

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