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वामदलों का खिसक रहा जनाधार, फिर भी गठबंधन में शामिल होने को हैं लालायित

Chhaya

Ranchi : वामदल भले ही विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ने की बात करते हों. लेकिन कहीं न कहीं अभी भी ये जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी के गठबंधन में शामिल होने के लिए लालायित दिख रहे हैं. सीपीआइ माले और मासस के प्रतिनिधियों की ओर से मंगलवार को बैठक की गयी. जिसमें वामदलों के लिए सीट छोड़ने का आग्रह भी किया गया. गौरतलब है कि लोकसभा में मासस ने महागठबंधन का साथ देते हुए धनबाद में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा.

जबकि सीपीआइ माले ने कोडरमा में महागठबंधन उम्मीदवार के विरूद्ध अपने उम्मीदवार राजकुमार यादव को उतरा. सीपीआइ और सीपीआइएम ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. जिसमें सीपीआइ ने आठ सीटों पर और सीपीआइएम ने दस सीटों की सूची जारी की. खिसकते जनाधार की संभावनाओं के बीच वामदल अब गठबंधन में जगह की चाहत रख रहे हैं.

माले के एकमात्र विधायक राजधनवार से राजकुमार यादव हैं. वहीं निरसा से मासस के अरूप चटर्जी हैं. 2014 के विधानसभा चुनाव में अरूप चटर्जी काफी कम अंतर से चुनाव जीत पाये थे. अरूप चटर्जी को 51,581 मिले थे, जबकि दूसरे स्थान पर बीजेपी के गणेश मिश्रा को 50, 546 वोट मिले थे.

वहीं राजधनवार में राजकुमार यादव को 50,656 वोट मिला था और जीत हुई थी. जबकि लोकसभा चुनाव में कोडरमा लोकसभा क्षेत्र के धनवार विधानसभा में बीजेपी को 95,279 और राजकुमार यादव को पूरे लोकसभा क्षेत्र में 68,207 वोट मिले.

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अटकलों के बीच माले ने पांच प्रत्याशियों की घोषणा की

भले ही माले और मासस दोनों यह स्वीकार न करें कि वे गठबंधन के साथ नहीं, बल्कि सिर्फ जेएमएम के साथ चुनाव में उतरना चाहते हैं. लेकिन राज्य में गठबंधन का नेतृत्व तो जेएमएम ही कर रही है. इन्हीं अटकलों के बीच बुधवार को सीपीआइ माले की ओर से पांच प्रत्याशियों की घोषणा की गयी.

जिसमें खिजरी से जगरनाथ उरांव, मनिका से राजेंद्र सिंह, पांकी में अविनाश रंजन, गढ़वा में कालीचरण मेहता और भवनाथपुर से बवन बिहारी यादव. चार प्रत्याशियों ने नामांकन कर लिया है. घोषणा करते हुए राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने कहा कि 21 नंवबर को पार्टी की दूसरी सूची जारी की जायेगी. जो अंतिम सूची होगी.

पार्टी 15 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है. वहीं मासस की ओर से बुधवार को भी प्रत्याशियों के नामों पर विचार विमर्श किया गया. आने वाले दो से तीन दिनों में पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा करेगी.

गौरतलब है कि सीपीआइ और सीपीआइएम की ओर से वामदलों का एकसाथ चुनाव लड़ने की बात लगातार कहीं जा रही है. हालांकि इसके पूर्व लोकसभा चुनाव में भी महागठंबधन में वामदलों को शामिल नहीं किये जाने पर सीपीआइ की ओर से काफी कोशिशें की गयी थी.

लेकिन इसके बाद भी वामदलों को शामिल नहीं किया गया. इस बार भी सीपीआइ की ओर से जेएमएम नेता हेमंत सोरेन को छह सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की सूची दी गयी. जेएमएम की ओर से इन सीटों और नामों पर हामी नहीं भरी गयी और आखिरकार सीपीआइ की ओर से अपने बल पर ही प्रत्याशियों की घोषणा की गयी.

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क्या कहा नेताओं ने

इस पर सीपीआइ माले राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने कहा कि वामदलों की बातचीज शुरू से हो रही है. वामदलों का मुख्य मुद्दा चुनाव में भाजपा को हराना है और वामदलों को मजबूत करना है. जेएमएम से तालमेल की कोशिश की जा रही है. फिलहाल राज्य में बीजेपी के खिलाफ एकजुट मजबूत समन्वय की जरूरत है.

ऐसे में वामदलों की ओर से कोशिश की जा रही है कि तालमेल के साथ चुनाव लड़ें. अलग-अलग सीटों पर चुनाव लड़ने से वोट में कमी आएगी और इसका लाभ बीजेपी को होगी. हालांकि वार्ता के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जेएमएम की ओर से सकारात्मक स्थिति वामदलों के लिए लग रहा है. लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही. उन्होंने कहा कि निरसा और राजधनवार से वामदलों की कमजोर होने जैसी कोई बात नहीं.

वहीं मासस के निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि सिर्फ सीपीआइ माले और मासस के लिए पूरे वामदलों के लिए बात की जा रही है. सभी सीटों पर नहीं, लेकिन कुछ सीटों पर साथ लड़ने की कोशिश की जायेगी.

चटर्जी ने कहा कि वे गठबंधन के साथ नहीं, बल्कि जेएमएम के साथ चुनाव लड़ना चाहते हैं. यह पहली बार नहीं है, जब वामदलों ने जेएमएम से बैठक की. इसके पहले भी कई बैठकें हो चुकी हैं. आने वाले दो से तीन दिनों में पार्टी उम्मीदवारों के नाम घोषित करेगी. मंथन चल रहा है.

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