नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा उप राज्यपाल को लिखकर भेज दिया है। केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को पार्टी ऑफिस में संबोधित करते हुए इस्तीफे की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जनलोकपाल बिल पास न होने की वजह से वे अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। केजरीवाल ने शुक्रवार को ही सदन में ही इस्तीफे के साफ संकेत दे दिए थे। शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि लगता है कि यह हमारा यह आखिरी सत्र होगा।
इस्तीफा के बाद अपने कार्यकत्र्ताओं को संबोधित किया केजरीवाल ने
केजरीवाल ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमें जबरदस्ती समर्थन दिया था। उसके बाद हमने अल्पमत में सरकार बनाई। हमने लोगों से पूछा था कि क्या कांग्रेस से समर्थन लेकर सरकार बना सकते हैं। तो जनता ने कहा कि हमें सरकार बनाकर काम करना चाहिए। हमने 28 दिसंबर को सरकार बनाई थी और उसी दिन मैंने मुख्यमंत्री पद की शपत ली थी। हमने लोगों से वादा किया था कि अगर हमारी सरकार बनती है तो जनलोकपाल बिल लेकर आएंगे। हमें कांग्रेसियों ने लिखकर दिया था कि वे जनलोकपाल बिल पर समर्थन करेंगे। लेकिन आज वे विधानसभा में बिल को पेश होने दिया।
अभी तक कांग्रेस और भाजपा पर्द के पीछे एक थी। लेकिन आज इतिहास में पहली बार ऎसा हुआ है कि वे दोनों पार्टियां सबके सामने एक साथ हो गी। यह एक छुपा हुआ सच था। दोनों पार्टियों ने विधानसभा में जनलोकपाल बिल को पेश नहीं होने दिया। हमने तीन दिल पहले मुकेश अंबानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके बाद ये दोनों पार्टियों एक साथ हो गई। क्योंकि मुकेश अंबानी दोनों पार्टियों को चंदा देते हैं। मुकेश अंबानी सरकार चलाते हैं। मुकेश अंबानी कहते हैं कि कांग्रेस मेरी दुकान है। केंद्र में पिछले दस साल से यूपीए की सरकार को मुकेश अंबानी चला रहे हैं।
मोदी इतनी सुरक्षा और गाडियों में चलते हैं उनके पास इतना पैसा कहां से आता है। भाजपा को बताना चाहिए। गाडियों के लिए इतना पैसा कहा से आता है। मोदी को मुकेश अंबानी मोदी को पैसा देते हैं। हमने अंबानी पर हाथ क्या रखा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों एक साथ आगई। दोनों ने मिलकर विधानसभा में जनलोकपाल बिल पेस नहीं होने दिया। उनका सोचना है कि अगर यह बिल पास हो जाता है तो उसके बाद लोकपाल बिल आएगा और बिल पास हो जाने के बाद इनके ज्यादात्तर नेता जेल में चले जाएंगे।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि हम राजनीति में कुर्सी के लिए नहीं आए थे। मैंने मुख्यमंत्री पद के लिए चुनाव नहीं लड़ा था। हम लोग देश के लिए राजनीति में आए थे। आज जनलोकपाल बिल पेश नहीं हुआ इसलिए मैं आज अपने पद से इस्तीफा देता हूं। साथ ही केजरीवाल ने विधानसभा को भंग करने की मांग की और कहा कि दिल्ली में जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए।




