
New Delhi: उच्चतम न्यायालय ने शारदा चिटफंड घोटाले में आइपीएस अधिकारी राजीव कुमार की अंतरिम जमानत को चुनौती देने वाली सीबीआइ की अपील पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. मामले को लेकर कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी किया.
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प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे के नेतृत्व वाली पीठ ने नोटिस जारी करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि आपको हमें संतुष्ट करना होगा कि शारदा चिट फंड मामले में सीबीआइ को राजीव कुमार की हिरासत देना क्यों जरूरी है.
मेहता ने पीठ से कहा कि राजीव कुमार कुछ समय से फरार थे और उन्होंने जांच के दौरान एकत्रित सामग्री को दबा दिया था. इस पीठ में न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी शामिल हैं.
गौरतलब है कि एक अक्तूबर को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर राजीव को कोलकाता हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन फिर सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका डालकर उनकी जमानत रद्द करने की मांग की.
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