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New Delhi: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित गैर मुस्लिमों को सम्मान प्रदान करेगा.
शाह ने लोकसभा से सोमवार रात नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित होने के बाद कहा कि यह विधेयक प्रताड़ना का सामना करने वालों को अपना जीवन फिर से संवारने का अवसर देगा.
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क्या कहा शाह ने
शाह ने कई ट्वीट करके विधेयक को वास्तविकता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया.
शाह ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस ऐतिहासिक नागरिकता संशोधन विधेयक को वास्तविकता बनाने के लिए आभार प्रकट करता हूं जो भारत को पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए उन अल्पसंख्यकों के लिए दरवाजे खोलने की अनुमति देगा जो धार्मिक प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं. मैं विधेयक को समर्थन देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का धन्यवाद करता हूं.
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देश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं नागरिकता विधेयक
गौरतलब है कि सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया गया. बिल पर कुल 375 सदस्यों ने मतदान किया. पक्ष में 293 वोट पड़े वहीं बिल के खिलाफ 82 वोट पड़े.
शाह ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक किसी भी तरह से देश के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि विधेयक देश के अल्पसंख्यकों के 0.001 प्रतिशत भी खिलाफ नहीं है.
शाह ने सदन में यह भी कहा, अगर कांग्रेस पार्टी देश की आजादी के समय धर्म के आधार पर देश का विभाजन नहीं करती तो इस विधेयक की जरूरत नहीं पड़ती. नागरिकता अधिनियम, 1955 का एक और संशोधन करने वाले विधेयक को संसद की मंजूरी मिलने के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से शरणार्थी के तौर पर आये उन गैर-मुसलमानों को भारत की नागरिकता मिल जाएगी जिन्हें धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा हो.