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Ranchi, 08 November : नोटबंदी की सालगिरह पर झारखंड में जहां भाजपा जश्न मना रही है, वहीं विपक्षी दल इस दिन को मातम और काला दिवस बता रहे हैं. कांग्रेस, झाविमो, झामुमो, राजद, सपा और वामदलों ने बुधवार को नोटंबदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नोटबंदी को आम जनता के खिलाफ बताया. वहीं कहा कि मोदी सरकार ने विमुद्रीकरण कर किसानों को बेहाल और कॉरपोरेट को मालामाल कर दिया है. जबकि भाजपा ने इसे साहसिक, ऐतिहासिक और देशहित में लिए जाने वाला निर्णय बताया. गौरतलब है कि विगत वर्ष आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट के चलन पर रोक लगा दी थी. इसके बाद से विपक्ष लगातार इसका विरोध करता आ रहा है.
विपक्ष की प्रतिक्रिया
नोटंबदी से आम जनता त्राहि-त्राहि – झामुमो
झारखंड की प्रमुख राजनीतिक पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा नोटबंदी को देश के साथ दुर्भाग्यपूर्ण मानती है. पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद कुमार पांडे कहते हैं कि नोटबंदी से आम जनता त्राहि-त्राहि है, जबकि चुनिंदा उद्योगपतियों की संपत्ति 60 प्रतिशत तक बढ़ गयी. पांडे भाजपा के द्वारा इस दिन जश्न के रूप में मनाये जाने पर कहते हैं कि ये भी दुर्भाग्यपूर्ण है. एक तरफ जहां नोटबंदी के प्रभाव से जनता भुखमरी, इलाज का अभाव और बेरोजगारी का दंश झेल रही, वहीं भाजपा देश की इस दुर्दशा पर जश्न मना रही है. क्या पार्टी बताएगी कि 155 लोग मर गए, नोटबंदी और जीएसटी के कारण चरमराई अर्थव्यवस्था पर यह जश्न है. विनोद पांडे ने कहा कि भाजपा हकीकत से लोगों का मुंह मोड़वा रही है. नोटबंदी के दौरान जो कुछ हुआ वह देश के सामने है. मंझौले, छोटे व्यापारी और आम जनता पर नोटबंदी एक मार की भांति है. लाखों लोग बेरोजगार हो गए. नोटबंदी के इस एक वर्ष को आज पूरा विपक्ष मातम दिवस के रूप में मना रहा है.
नोटबंदी के बाद से आंतकवाद बढ़ा – झाविमो
झाविमो नेता राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि विमुद्रीकरण देश का गरीबीकरण करने जैसा ही है. सरकार कहती है कि नोटबंदी से विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा है. इन्हें 2019 के चुनाव में पता चलेगा कि आखिर पेट में किसके दर्द था. आजतक प्रधानमंत्री ने नहीं बताया कि नोटबंदी से कितना कालाधन आया है. नोटबंदी से बैंकों में जमा हुई राशि को आरबीआई आजतक गिन नहीं पाया है. रंजन मिश्रा ने कहा कि नोटबंदी से आंतकवाद और उग्रवाद खत्म करने वाले दावे भी फेल हो गए. जबकि नोटबंदी के बाद से आंतकवाद बढ़ा है. झारखंड समेत अन्य राज्य में उग्रवादियों की सक्रियता भी बढ़ी है.
नोटबंदी कर पीएम ने देश के सवा सौ करोड़ जनता को पीड़ित बनाया – कांग्रेस
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने कहा कि नोटबंदी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सवा सौ करोड़ जनता को पीड़ित बनाया है. देश के बड़े उद्योगपतियों के लिए लूट का कार्यक्रम आयोजन किया. नोटबंदी का ही नतीजा है कि अर्थव्यवस्था चरमरा गयी है. जीडीपी चार प्रतिशत निम्न स्तर पर चली गई. एक जीडीपी के नीचे जाने का तात्पर्य डेढ़ लाख करोड़ रुपये का नुकसान होता है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति क्या हुई है. सुबोधकांत ने कहा कि नोटबंदी से गरीब, मजदूर वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं. किसान आज आत्महत्या कर रहा है, झारखंड में लोग भूख से मर रहे हैं, और सरकार जश्न मना रही है. प्रधानमंत्री और झारखंड मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक मदारी और दूसरा जमुरा का काम कर रहे हैं. आंतकवाद खत्म करने की बात करते हैं, लेकिन हर रोज बॉर्डर पर जवान आंतकियों के हाथ मारे जाते हैं. ये बईमानी की भाषा है कि नोटबंदी से आतंकवाद और उग्रवाद खत्म होगा.
महिला कांग्रेस ने पीएम से की इस्तीफे की मांग
झारखंड कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष आभा सिन्हा कहती है कि नोटबंदी से 155 लोगों की मौत हो गई. प्रधानमंत्री ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए रातों रात नोटबंदी का फरमान सुना दिया. इसने सवा सौ करोड़ जनता के उपर जुल्म ढाहा है. महिला कांग्रेस की तरफ से हम मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री अपना इस्तीफा दें.
भाजपा का नोटबंदी वाला नाटक विफल रहा – सपा
समाजवादी पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव ने कहा कि नोटंबदी का विरोध हमारी पार्टी शुरुआत से ही करती आ रही है. भाजपा का नोटबंदी वाला नाटक विफल रहा. ना आंतकवाद रुका है, और न ही उग्रवादी घटना में कमी आई. रंजन यादव ने बताया कि कालाधन के नाम पर सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम किया है. कालाधन के नाम पर चिल्लाने वाली पार्टी भाजपा के ही लोगों के विदेशों में पैसा जमा है. उन्होंने बाबा रामदेव पर प्रहार करते हुए कहा कि आज बाबा चुप क्यों हैं. स्वदेशी का राग आलापने वाले बाबा रामदेव आज खुद एक बड़े उद्योगपति हो गए हैं.
नोटबंदी भारत की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा – माले
झारखंड माले नेता जनार्धन प्रसाद ने कहा कि नोटबंदी भारत की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा था. जनता के लिए नहीं बल्कि कारपोरेट घरानों के हित के लिए नोटबंदी हुई थी. नोटबंदी कर देश में सबसे बड़ा घोटाला हुआ. सरकार ने कहा था कि 3-4 लाख करोड़ रुपया कालाधन है, जिसे नोटबंदी कर बैंक लाकर सफेद किया गया. इस लिहाज से 2 जी, कोलगेट कॉमनवेल्थ गेम से भी बड़ा यह घोटाला है. अर्थव्यवस्था, व्यापार, बेरोजगार, कृषि चौपट हो गई. आम जनता के लिए नोटबंदी हमला साबित हुआ है. नोटबंदी से आडनी, अंबानी और बाबा रामदेव जैसे लोगों संपत्ति बढ़ाई गई.
नोटबंदी से देश तबाही के कगार पर खड़ा है – भाकपा
झारखंड के भाकपा राज्य सचिव केडी सिंह ने नोटबंदी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नोटबंदी के पीछे भाजपा का मुख्य एजेंडा यूपी चुनाव था. अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नोटबंदी आर्थिक मुद्दा बताकर लोगों को गुमराह किया है. आज नोटबंदी से देश तबाही की कगार पर खड़ा है. बेरोजगारी, महंगाई पराकष्ठा पर है. उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद उग्रवादी और आंतकवादी घटना में वृद्धि हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी किए जाने के पीछे का तर्क बेतुका और विफल साबित हुआ है.




