
Jamshedpur : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय (Former Minister Saryu Roy) ने बुधवार को एक और खुलासा किया. उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के अधिकारियों ने जब प्रेम प्रकाश को पकड़ा तो उसके साथ पुनीत भार्गव भी पकड़ाया. ED ने पूछताछ कर उसे छोड़ दिया. इनोवा JH01DV1101 के बारे में भार्गव से पूछताछ के बाद ED की जांच रघुवर दास के गैराज तक आयेगी. कारण,भार्गव की इस इनोवा का उपयोग 2020 से रघुवर दास (Raghubar Das) ने ने सप्रेम किया,अपने गैराज में रखा.
#ED ने जब प्रेम प्रकाश को पकड़ा तो उसके साथ पुनीत भार्गव भी पकड़ाया. ED ने पूछताछ कर उसे छोड़ दिया.इनोवा JH01DV1101 के बारे में भार्गव से पूछताछ के बाद ED की जाँच @dasraghubar के गैराज तक आएगी.कारण,भार्गव की इस इनोवा का उपयोग 2020 से @dasraghubar ने सप्रेम किया,अपने गैराज में रखा. pic.twitter.com/3xswL1IxXD
— Saryu Roy (@roysaryu) August 31, 2022
बता दें कि मनरेगा घोटाले तथा अवैध खनन मामले की जांच कर रही ईडी ने पिछले 24 अगस्त को प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर छापेमारी की थी. उसके एक ठिकाने से दो एके 47 रायफलों की बरामदगी से सनसनी फैल गयी थी. उसी शाम प्रेमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया था. सरयू राय के अनुसार उस दिन पुनीत भार्गव प्रेमप्रकाश के साथ ही था. इडी के अधिकारियों ने उससे भी पूछताछ की थी. हालांकि उसे गिरफ्तार नहीं किया गया.
न्यूजविंग को जानकारी मिली है कि प्रेम प्रकाश ने अपनी अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा पुनीत भार्गव के नाम से निवेश किया है. इसमें रांची सहित कई शहरों में जमीन और कारोबारी निवेश शामिल है. न्यूजविंग ने ही खुलासा किया था कि पूर्वी सीएम रघुवर दास फरवरी 2020 से जिस सफेद रंग की इनोवा कार की सवारी कर रहे थे, वह पुनीत भार्गव के नाम से रजिस्टर्ड है. सासाराम का रहनेवाला पुनीत भार्गव पढ़ा लिखा है मगर बेहद साधारण परिवार से तालुल्क रखता है, लेकिन प्रेम प्रकाश की संगति में उसके दिन फिर गये. वह करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन बैठा. प्रेमप्रकाश की बदौलत ही उसे धनबाद में झारखंड स्टेट फूड कॉरपोरेशन में ट्रांसपोर्टिंग का काम मिला, जिसे वह किसी अन्य के नाम पर कर रहा है.
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