JharkhandLead NewsRanchi

Rims: एक क्लिक में मिलेगी खाली पड़े बेडों की जानकारी, व्यवस्था में सुधार का दावा

Ranchi: झारखंड के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में व्यवस्था पटरी पर लाने के प्रयास में प्रबंधन जुटा है. यदि इस प्रयास में सफलता मिलती है तो रिम्स के वार्डों में बेवजह मरीजों की भीड़ जमा नहीं होगी साथ ही बेड के लिए यहां-वहां नहीं भटकना होगा. रिम्स में एक क्लिक पर जानकारी मिल जाएगी कि हॉस्पिटल के किस वार्ड में कितने बेड खाली हैं.

बताते चलें कि रिम्स प्रबंधन ने एनआईसी के साथ इसके लिए बैठक कर तैयारी करने को कहा है. वहीं वार्डों में कंप्यूटर लगाने को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

इसे भी पढ़ें:बॉलीवुड एक्ट्रेस पूनम पांडे अस्पताल में भर्ती हुईं, पति हुआ गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला

1500 बेड हैं रिम्स के विभागों में

रिम्स 1500 बेड का हॉस्पिटल है. जिसमें मेडिसीन, न्यूरो, गायनी, आर्थो, हार्ट, ओंकोलॉजी, सर्जरी जैसे 39 विभाग हैं. सभी विभागों के लिए अलग-अलग इनडोर भी है, लेकिन कई बार विभागों में बेड खाली रहते हैं. इसके बाद भी मरीजों का इलाज जमीन पर होता रहता है.

चूंकि बेड खाली होने की जानकारी नहीं मिल पाती, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद वार्ड इंचार्ज को हर आधे घंटे पर जानकारी अपडेट करनी होगी कि बेड की क्या स्थिति है.

इसे भी पढ़ें:अवैध ढंग से राशन कार्ड लेने वालों को चेतावनी, 30 नवंबर तक सरेंडर करें राशन कार्ड, नहीं तो दर्ज होगी प्राथमिकी

मरीजों के डिस्चार्ज पर अपडेट

वार्डों में कंप्यूटर लगाने को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जिसके तहत मरीजों के एडमिशन से लेकर मरीजों के डिस्चार्ज होने की जानकारी अपडेट की जाएगी. इससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इमरजेंसी में ही जानकारी मिल जाएगी कि बेड खाली है या नहीं.

ऐसी स्थिति में मरीजों के परिजन चाहे तो अपने मरीज को इलाज के लिए कहीं और भी ले जा सकेंगे. चूंकि एडमिट होने के बाद मरीजों का जमीन पर इलाज करना डॉक्टरों की मजबूरी है और वे उन्हें लौटा नहीं सकते.

इसे भी पढ़ें:बंगाल से मथुरा जा रही कृष्ण भक्तों से भरी टूरिस्ट बस चौपारण में पलटी, 75 घायल, 2 गंभीर

इनडोर से लेकर आउटडोर तक आनलाइन

सरकार के आदेश पर रिम्स को इ-हॉस्पिटल से जोड़ा जाना है. जिसके तहत इनडोर से लेकर आउटडोर तक 150 कंप्यूटर इंस्टाल किए जाएंगे. वहीं नेटवर्किंग का काम भी तेजी से चल रहा है. जिससे कि मरीजों की जानकारी डॉक्टर भी अपने सिस्टम पर देख सकेंगे. वहीं मरीजों को हर बार अपनी रिपोर्ट और पर्ची लेकर आने की झंझट भी नहीं होगी.

चूंकि उनकी पूरी जानकारी आनलाइन उपलब्ध होगी. इतना ही नहीं मरीजों का ट्रीटमेंट चार्ट भी उपलब्ध होगा जिससे भविष्य में इलाज करने में डॉक्टरों को पेशेंट की हिस्ट्री मिल जाएगी.

रिम्स के डिप्टी सुपरिटेंडेंट मेजर डॉ शैलेष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एनआईसी के साथ इसे लेकर बैठक हुई है. जल्द ही रिम्स में यह सिस्टम लागू हो जाएगा. इसके बाद हर वार्ड में कितने बेड खाली है इसकी जानकारी मिल जाएगी.

जिससे मरीजों को हर हाल में बेड उपलब्ध कराने का प्रयास होगा. धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी पर लौट रही है. जिससे कि मरीजों की परेशानी कम करने का प्रयास होगा.

इसे भी पढ़ें:बिहार में सुधा दूध की कीमत में 11 से दो से चार रुपये तक की हो सकती है बढ़ोतरी

Related Articles

Back to top button