
- सत्यप्रकाश हत्याकांड में चार अपराधी गिरफ्तार, सुपारी देने वाला फरार
Ranchi: रांची पुलिस ने रातू इलाके में बीते 12 फरवरी को हुए हल्का कर्मचारी सत्यप्रकाश श्रीवास्तव हत्याकांड का खुलासा कर लिया है. घटना में शामिल चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है.
गिरफ्तार अपराधियों में ज्ञान प्रकाश तिवारी उर्फ राजन तिवारी, ऋषि कांत शर्मा उर्फ बिट्टू, आशीष पांडेय और मनीष कुमार उर्फ गोलू शामिल हैं. इनके पास से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन, दो पिस्टल, नौ गोलियां और घटना को अंजाम देने के वक्त पहना हुआ फुल पैंट हेलमेट और जूता, जैकेट, एक बाइक बरामद किया गया है.
ऐसे हुई थी घटना
एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 12 फरवरी की रात बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने रातू थाना क्षेत्र के तिलता स्थित नेहा सीमेंट दुकान के पास रातू अंचल कार्यालय के राजस्व उपनिरीक्षक (हल्का कर्मचारी) सत्य प्रकाश श्रीवास्तव को गोली मार दी गयी थी. श्रीवास्तव को गंभीर हालत में मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के क्रम में मेडिका अस्पताल से उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल ले जाया गया था जहां इलाज के क्रम में 21 फरवरी की रात श्रीवास्तव की मौत हो गयी.
एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआइटी टीम का गठन किया गया. अनुसंधान के क्रम में गठित एसआइटी की ओर से मामले का खुलासा करते हुए घटना को अंजाम देने में संलिप्त शूटर और अन्य अपराधकर्मियों को गढ़वा थाना की पुलिस के साथ छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया. इन अपराधियों ने अपना अपराध स्वीकार किया. इनकी निशानदेही पर हथियार सहित अन्य सामान बरामद किया गया.
क्यों मारी गयी गोली
पूछताछ में अपराधियों ने बताया कि रातू अंचल कार्यालय के राजस्व उपनिरीक्षक सत्य प्रकाश श्रीवास्तव के द्वारा सिमलिया मौजा और झिरी मौजा की एक जमीन का म्यूटेशन कराने के एवज में रुपया लेने के बावजूद उक्त जमीन के संबंध में उनके द्वारा प्रतिकूल प्रतिवेदन देने से म्यूटेशन अस्वीकृत होने के कारण प्रतिशोध स्वरूप सुनियोजित साजिश के तहत उक्त कर्मचारी को गोली मारी गयी.
इसके लिए उन्हें एक लाख की सुपारी दी गयी थी. अभी तक के अनुसंधान में यह बातें सामने आयी है कि इन लोगों को उपेंद्र कुमार नामक व्यक्ति के द्वारा हत्या की सुपारी दी गयी थी. उपेंद्र कुमार घटना के बाद से फरार है. उपेंद्र कुमार और एक अन्य सफेदपोश भू माफिया की संलिप्तता की बात प्रकाश में आयी है, जिनके खिलाफ गहन छानबीन जारी है.




