
New Delhi: एक ओर राजस्थान की सियासत में उठा-पटक जारी है. कांग्रेस, बीजेपी पर सत्ता पलटने की साजिश रचने का आरोप लगा रही है. वहीं उत्तर पूर्व के दो राज्यों में बीजेपी में ही बगावत के बोल उठ रहे हैं. मणिपुर में जहां सीएम एन.बीरेन सिंह के खिलाफ ही बगावत के सुर तेज हो रहे हैं. वहीं नागालैंड में प्रदेश अध्यक्ष तेमजेन इमना अलोंग को हटाने की मांग तेज हो गयी है. पार्टी हो रही खिलाफत को देखते हुए आलाकमान ने दिल्ली से दो नेताओं को मामले को सुलझाने के लिए भेजा है.
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क्य़ों हो रही मणिपुर सीएम की खिलाफत
बात अगर मणिपुर की राजनीति की करें तो सीएम एम बीरेन सिंह के खिलाफ 2019 से ही माहौल बनने लगा था. लेकिन जुलाई में ये बगावत मुखर हो चुकी है. 14 जुलाई को बीरेन सरकार के चार मंत्री ने दिल्ली पहुंचकर पार्टी के सीनियर लीडर्स से बात भी की है. बता दें कि मणिपुर में सीएम के खिलाफ बगावत की बात उस वक्त पूरी तरह से स्पष्ट हो गयी, जब राज्यसभा चुनाव से पहले सरकार को समर्थन दे रहे 9 विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया. हालांकि, एम. बीरेन सिंह राज्यसभा सीट निकाले में सफल रहे. वहीं विपक्ष की पार्टियों की ओर से ड्रग्स तस्करी को लेकर सीएम के इस्तीफे की मांग की है.
नागालैंड प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग
इधर नागालैंड बीजेपी में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी है. दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष अलोंग ने जून में फेक जिले के पार्टी अध्यक्ष को पद से हटा दिया था. जिसके बाद से उनके खिलाफ माहौल बनने लगा है. जिला अध्यक्ष को हटाने से नाराज जिला और संगठन स्तर के नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अजय जामवाल को चिट्ठी लिखकर अपनी नाराजगी जताई है, और अलोंग को पद से हटाने की मांग की है. स्थानीय नेताओं का ये भी कहना है कि एक आदमी-एक पद की नीति अपनाते हुए अलोंग को पद से हटा देना चाहिये. बता दें कि तेमजेन इमना अलोंग नागालैंड सरकार में मंत्री भी हैं.
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बैजयंत पांडा और मनोज सिन्हा पर विवाद सुलझाने का जिम्मा
उल्लेखनीय है कि एम.बीरेन सिंह ने मार्च 2018 में मणिपुर के सीएम के पद की शपथ ली थी, वहीं तेमजेन इमना अलोंग भी 2018 में नागालैंड भाजपा के अध्यक्ष बने थे. अब दोनों के खिलाफ पार्टी में हो रहे खिलाफत को सुलझाने के लिए पार्टी हाईकमान ने बैजयंत पांडा और मनोज सिन्हा जैसे दो सीनियर लीडर को जिम्मेदारी सौंपी.
मणिपुर में बगावती सुर दबाने के लिए दोनों नेताओं ने पार्टी के विधायक, प्रदेश अध्यक्ष और सीएम से अलग-अलग बातचीत की. हालांकि, मिली जानकारी के मुताबिक, उनके तीन दिनों के दौरे के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाये हैं. और दोनों नेता पूरे मामले को लेकर पार्टी आलाकमान को इसकी रिपोर्ट सौंपेंगे.
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