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फिर से आंदोलन के मूड में पारा शिक्षक, अब बीजेपी कार्यालय के समक्ष करेंगे 21 अक्टूबर से अनशन

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Ranchi: राज्य सरकार के बार-बार के आश्वासन के बाद एक बार फिर से पारा शिक्षकों ने आंदोलन की रणनीति बना ली. 21 अक्टूबर से प्रमंडलवार पारा शिक्षकों की ओर से आंदोलन किया जायेगा. जिसके तहत प्रमंडलवार पारा शिक्षक बीजेपी के प्रदेश कार्यालय के समक्ष अनशन करेंगे.

24 अक्टूबर के बाद से अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा. इसकी जानकारी एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से विनोद बिहारी महतो ने दी. वहीं मोर्चा की ओर से पत्र भी जारी किया गया. जिसमें बताया गया कि 21 अक्टूबर को पलामू और कोल्हान प्रमंडल के पारा शिक्षक बीजेपी राज्य कार्यालय में अनशन करेंगे.

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22 अक्टूबर को उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, 23 अक्टूबर को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल और 24 अक्टूबर को संथाल परगना प्रमंडल के पारा शिक्षक शामिल होंगे. इसके पहले 27 सिंतबर को पारा शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता शिक्षा मंत्री के साथ हुई थी. जिसके बाद मोर्चा ने दशहरा तक के लिए आंदोलन स्थगित कर दिया.

आश्वासन के बावजूद अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों सेवा समाप्त की जा रही

मोर्चा की ओर से बताया गया कि विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया था कि अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को 31 मार्च 2020 तक का समय दिया जायेगा. इसके लिए केंद्र से बात करने पर सहमति बनी थी. लेकिन विभाग की ओर से इस पर कुछ नहीं किया गया.

जिला और प्रखंड स्तर पर जबकि अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों की सेवा समाप्ति का पत्र निकाला जा रहा है. इसके पहले जुलाई में मुख्यमंत्री की पारा शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई थी. जिसमें मुख्यमंत्री ने भी इन पारा शिक्षकों को नहीं हटाये जाने की बात की थी. अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों की संख्या लगभग चार हजार है.

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आश्वासन के भरोसे कई बार टाल चुके है आंदोलन

एकीकृत पारा शिक्षक मोर्चा ने कई बार सरकार और विभाग के आश्वासन के बाद आंदोलन टाला है. हाल के दिनों में दस सिंतबर को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल के साथ पारा शिक्षकों ने वार्ता की थी. जिसमें 25 और 26 सिंतबर को शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में होने वाले उच्चस्तरीय बैठक में पारा शिक्षकों हित में निर्णय लेने की बात की.

जिसके बार पारा शिक्षकों ने 12 सिंतबर को पीएम दौरे का विरोध और 16 सिंतबर को जमशेदपुर में मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम स्थगित किया. हालांकि उच्चस्तरीय बैठक में प्रतिनिधिमंडल को कोई जानकारी नहीं दी गयी.

उनसे सिर्फ उनके मांग को लिखित में लिया गया. मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद ही 17 जनवरी 2019 को भी पारा शिक्षकों ने आंदोलन समाप्त किया था.

नौ माह बीतें लेकिन कोई निर्णय नहीं

मोर्चा की ओर से विनोद बिहारी महतो ने बताया कि 17 जनवरी 2019 को हुए बैठक में मुख्यमंत्री ने 90 दिनों में पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और निमित्त वेतनमान से संबधित नियमावली बनाये जाने की बात की थी. लेकिन नौ महीने बीत गये  सरकार की ओर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया.

इस दौरान कई बार पारा शिक्षकों को सरकार की ओर से आश्वासन मिला और इसी के कारण पारा शिक्षकों ने आंदोलन स्थगित किया. लेकिन अब कई प्रखंडों में अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त की जा रही है.

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