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झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता से ही योग दिवस के लिए रांची को चुना : नरेंद्र मोदी

Ranchi : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रांची के प्रभात तारा मैदान में झारखंड वासियों के साथ योग कर स्वस्थ और सुखी रहने का संदेश दिया. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि, झारखंड वन प्रदेश है, यहां की प्राकृतिक सुंदरता की वजह से मैंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए रांची का चयन किया. उन्होंने कहा कि आज देश-दुनिया के अनेक हिस्सों में लाखों लोग योग दिवस मना रहे हैं. दुनियाभर में योग के प्रसार के लिए मीडिया के साथी, सोशल मीडिया के लोग अहम भूमिका निभा रहे हैं. झारखंड आना सुखद अनुभव है

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झारखंड में योग दिवस के लिए आना बहुत सुखद अनुभव है. उन्होंने कहा कि झारखंड प्रकृति के बहुत करीब है. पिछले वर्ष 23 सितंबर को पंडित दिनदयाल उपाध्याय की जयंती पर केंद्र सरकार ने विश्व की सबसे बड़ी योजना आयुष्मान भारत की शुरुआत भी रांची से की थी. आयुष्मान भारत से रांची और स्वास्थ्य का रिश्ता इतिहास में दर्ज हुआ है. यहां के आदिवासी और जंगलों में रहनेवाले लोग आज भी गरीब हैं.

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स्वास्थ्य सेवाएं उन तक नहीं पहुंच रही हैं. हमें योग को उन तक पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि झारखंड में छऊ नृत्य शारीरिक क्षमता और स्वस्थ शरीर के साथ-साथ संस्कृति का संदेश देता है, जिसमें योग एक महत्वपूर्ण अव्यय है.

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दवाईयों के जरिये जीवन नहीं जीना चाहिए

प्रधानमंत्री ने कहा कि, योग अब ड्राइंग रूम ही नहीं बल्कि बोर्ड रूम तक पहुंच गया है. योग जीवन का हिस्सा होना चाहिए, तो बीमारी कम होगी. सिर्फ दवाईयों के जरिये जीवन जीना नहीं चाहिए. हमें ज्यादा से ज्यादा स्वस्थ रहने पर फोकस देना चाहिए. वर्तमान आबोहवा में युवाओं में भी हृदय रोग बढ़ रहा है. इस बार पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का थीम दिल की बीमारी है. इसलिए उत्तम स्वास्थ्य के लिए पानी, पोषण, पर्यावरण और परिश्रम जरूरी है.

उन्होंने कहा कि फिटनेस और वेलनेस भी अब जरूरी है. साथ ही कहा कि योग के नियमित अभ्यास से शरीर को फिट रखा जा सकता है. शरीर के लिए जरूरी कुछ योग ही करें, पर उसे नियमित करें.

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