
Ranchi: पाकुड़ में समाजसेवी स्वामी अग्निवेश की बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा पिटाई का मामला तूल पकड़ रहा है. एक ओर जहां विपक्ष के नेताओं ने इसे लेकर सरकार की आलोचना की और विधानसभा में भी ये मसला गूंजा, यहां तक की सदन की कार्यवाही भी बाधित हुई. वही दूसरी ओर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया. राजभवन के पास राज्य के अलग-अलग सामाजिक संगठनों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया.
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दोषियों को मिले कड़ी सजा
अपने प्रदर्शन के दौरान लोग हाथों में तख्तियां लिए घटना का विरोध जताते नजर आये. राजभवन के पास शांतिपूर्ण तरीके से लोगों ने प्रदर्शन किया और घटना की कड़ी निंदा की. कंसर्न सिटिज़न सामाजिक संगठन के अध्यक्ष गोपीनाथ गोपी ने कहा कि स्वामी अग्निवेश के साथ हुए मारपीट को लेकर जो भी दोषी हैं उसे सरकार कड़ी से कड़ी सजा दिलाए. साथ ही कहा कि स्वामी अग्निवेश पर हुए हमला की सभी संगठन निंदा करती है. स्वामी पर साजिश के तहत हमला किया गया है जो कहीं से भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं है.
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प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा
इधर पुलिस-प्रशासन ने प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के इंतजाम किये थे. कुछ जवानों को राजभवन के पास तैनात किया गया. हालांकि, सामाजिक संगठन के लोग बेहद ही शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताते नजर आये.
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क्या है मामला
ज्ञात हो कि समाजसेवी स्वामी अग्निवेश मंगलवार को पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा में 195वां दामिन महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इस दौरान भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की. कार्यकर्ताओं ने अग्निवेश वापस जाओ के नारे लगाए. स्वामी अग्निवेश पर यह आरोप लगाया गया कि वह ईसाई मिशनरी के इशारे पर आदिवासियों को भड़काने आए हैं. साथ ही कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए यह भी कहा कि अग्निवेश ईसाई मिशनरी व पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे हैं. हालांकि, इस मामले में सीएम रघुवर दास ने जांच के आदेश दिये हैं.
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