
Bangaluru : कर्नाटक की कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन सरकार के हालचाल ठीक नहीं है. सीएम जेडीएस नेता कुमारस्वामी के बयान तो यही कह रहे हैं. बता दें कि जेडीएस नेता व सीएम कुमारस्वामी ने कहा है कि वह सत्ता में तो हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें नीलकंठ की तरह विष पीना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि मैं मुख्यमंत्री बना, इसकी वजह से आप खुश हैं, लेकिन मैं खुश नहीं हूं. यह कहते कहते सीएम की आंखें भर आयीं. लगभग रोते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें गठबंधन सरकार में जहर पीना पड़ रहा है.
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मैं चाहूं तो मुख्यमंत्री पद से त्याग दे सकता हूं.
इस क्रम में कुमारस्वामी ने कहा कि यह सच है कि मैं चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बनना चाहता था और मैंने कई वायदे किये. आज लोग खुश हैं लेकिन मैं मुख्यमंत्री बनकर खुश नहीं हूं. अगर मैं चाहूं तो मैं मुख्यमंत्री पद से त्याग दे सकता हूं. आज हम जहां भी जाते हैं लोग स्वागत करते हैं. लोग कहते हैं कि किसानों की कर्जमाफी से वह खुश हैं. कुमारस्वामी ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2018-19 का बजट पेश करते हुए कृषि जुड़े 34,000 करोड़ रुपये तक के कर्ज माफ कर दिये थे. कहा कि मुझे दुख है कि उन्होंने हमारी पार्टी को पूर्ण बहुमत से नहीं जिताया. कहा कि चुनाव के दौरान वे जहां भी गये लोग उन्हें सुनने के लिए आये, लेकिन वोट देने के वक्त वे उन्हें और उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को भूल गये.
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कुमारस्वामी जेडीएस की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे
कुमारस्वामी जेडीएस की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने 23 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. वर्तमान में मंत्री पद के बंटवारे किसान कर्जमाफी, पेट्रोल-डीजल की कीमत जैसे मसलों पर जेडीएस और कांग्रेस की ठन गयी है. इन मसलों को सुलझाने के लिए कुमारस्वामी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की कई बार मिल चुके हैं. लेकिन अब मुख्यमंत्री द्वारा विष पान की बात कहे जाने से कर्नाटक की राजनीति में भूचाल आ गया है.
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