
Newswing Desk: एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलित संगठनों के भारत बंद का असर कई राज्यों में देखने को मिल रहा है. बिहार के जहानाबाद में दलित संगठनों ने भारत बंद के समर्थन में सोमवार की सुबह पटना-गया रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बंद करा दिया. बंद समर्थकों ने पटना-गया रेलखंड पर आगजनी कर पैसेंजर ट्रेन एवं मालगाड़ी को रोक दिया है. गया से पटना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन साढ़े 6 बजे से जहानाबाद स्टेशन पर खड़ी है. वहीं जहानाबाद के आउटर सिग्नल पर एक मालगाड़ी को रोक दिया गया है. इसके अलावेअररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगाऔर आरा में भीम सेना के रेल रोकी और सड़कों पर जाम लगा दिया है.
बाढ़ में रेल यातायात ठप
बाढ़ रेलवे स्टेशन के पास एससी एसटी एक्ट के संशोधन के विरोध में आंदोलनकारियों ने अप रेल लाइन पर यातायात बाधित कर दिया. इसको लेकर मोकामा सटल पैसेंजर ट्रेन आउटर सिग्नल पर खड़ी है. आंदोलनकारियों को रेल पुलिस समझाने में लगी हुई है. इसके विरोध में नारेबाजी भी की जा रही है.
हाईवे पर भी थमी रफ्तार
प्रदर्शनकारियों ने पटना-गया नेशनल हाईवे –83 को भी पूरी तरह से ठप कर दिया है. इधर, जहानाबाद-अरवल एनएच-110 पर भी वाहनों का परिचालन बाधित है. बंद समर्थक लगातार सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं.

ओडिशा में रोकी ट्रेन
बंद का ओडिशा में भी खासा असर देखने को मिल रहा है. सोमवार सुबह से ही भारत बंद को सफल बनाने के सिए बंद समर्थक सड़कों पर उतरे. इधर ओडिशा के सम्बलपुर जिले में भी दलित संगठनों ने ट्रेनें रोक दीं है.
पंजाब में स्कूल-कॉलेज बंद, सेना अलर्ट
दलित संगठनों द्वारा किए गए भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर पंजाब सरकार ने पब्लिक ट्रांसपॉर्ट सर्विस सस्पेंड करने के साथ सभी शिक्षण संस्थान भी बंद रखने का आदेश दिया है. इसको देखते हुए सीबीएसई ने राज्य में कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा स्थगित कर दी है. बोर्ड ने कहा कि केंद्र शासित चंडीगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में परीक्षाएं शेड्यूल के मुताबिक होंगी. पंजाब में परीक्षा की अगली तारीख जल्द घोषित की जाएगी. पंजाब सरकार ने राज्य में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं.
मोदी सरकार दाखिल करेगी पुनर्विचार याचिका
एससी/एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद विपक्ष की आलोचना का शिकार हो रही नरेंद्र मोदी सरकार सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल करने वाली है. केंद्रीय कानून मंत्रालय ने एससी/एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने को मंजूरी दे दी है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय द्वारा दाखिल किए जाने वाली इस याचिका में यह तर्क दिया जा सकता है कि कोर्ट के फैसले से एससी और एसटी ऐक्ट 1989 के प्रावधान कमजोर हो जाएंगे. याचिका में सरकार यह भी तर्क दे सकती है कि कोर्ट के मौजूदा आदेश से लोगों में कानून का भय खत्म होगा और इस मामले में और ज्यादा कानून का उल्लंघन हो सकता है. पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी ऐक्ट के बेजा इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए इसके तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी न किए जाने का आदेश दिया था.
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