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राहुल ने ट्वीट किया, मोदी सरकार में आम आदमी कतार में, क्रोनी कैपिटलिस्ट का कालााधन सफेद

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने डूबे कर्ज से जुड़ी एक रिपोर्ट को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला और आरोप लगाया कि मोदी के भारत में आम आदमी अपने पैसे के लिए कतारों में खड़ा होता है

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 NewDelhi : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने डूबे कर्ज से जुड़ी एक रिपोर्ट को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला और आरोप लगाया कि मोदी के भारत में आम आदमी अपने पैसे के लिए कतारों में खड़ा होता है, जबकि क्रोनी कैपिटलिस्ट (सांठगांठ वाले पूंजीवादी) कालेधन को सफेद करते हैं. गांधी ने एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया,  मोदी के भारत में आम आदमी को बैंकों में अपना पैसा रखने के लिए कतारों में खड़ा होना पड़ता है.  हमारा पूरा ब्यौरा आधार के रूप में जमा है.  आप अपने ही पैसे का इस्तेमाल नहीं कर सकते. उन्होंने कहा, क्रोनी कैपिटलिस्ट ने नोटबंदी में अपने पूरे कालेधन को सफेद कर लिया. आम आदमी के पैसे का इस्तेमाल करके 3.16 लाख करोड़ रुपये को बट्टे खाते डाल दिया जाता है. गांधी ने जो खबर शेयर की है उसके अनुसार गत चार वर्षों में सरकारी बैंकों ने 3.16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बट्टे खाते में डाले, जबकि इसी अवधि में 44,900 करोड़ रुपये के कर्ज की वसूली हो सकी.

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सरकारी बैंक महज 44,900 रुपये ही वसूल पाये हैं

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बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार देश के 21 सरकारी बैंकों ने 3,16,500 करोड़ रुपये का कर्ज अप्रैल 2014 से अप्रैल 2018 के बीच की अवधि में राइट-ऑफ कर दिया.  इस क्रम में सरकारी बैंक महज 44,900 रुपये ही वसूल पाये हैं.  आकलन करें तो बट्टे खाते (राइट-ऑफ)में डाली गयी कुल राशि की 14 फीसदी से भी यह कम राशि है. इस पर नजर डालें तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बैड लोन्‍स की जितनी राशि  राइट-ऑफ की है, वह वित्‍तीय वर्ष 2018-19 के लिए देश के स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के बजटीय खर्च (1.38 लाख करोड़ ) के दोगुने से भी ज्‍यादा है.  अप्रैल 2014-अप्रैल 2018 में 21 बैंकों ने जितनी रकम राइट-ऑफ की है, वह 2014 तक राइट-ऑफ की गयी राशि से 166 प्रतिशत ज्‍यादा है.

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