
NewDelhi : नरेंद्र मोदी सरकार जल्द ही छह और एयरपोर्ट को निजी हाथों में सौंपने की कवायद में है. सूत्रों के अनुसार छह Airport के Privatization के लिए अगले चरण की शुरुआत हो चुकी है. जिन छह एयरपोर्ट का निजीकरण किया जाना है, उनमें वाराणसी, रायपुर, इंदौर, भुवनेश्वर, अमृतसर, तिरची शामिल हैं. जान लें कि वर्तमान में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया इन सभी एयरपोर्ट को ऑपरेट करती है.
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अडाणी समूह ने सबसे ऊंची बोली लगाई थी
बता दें कि प्रथम चरण में 6 एयरपोर्ट की नीलामी की जा चुकी है. पहले चरण में अदानी, जीएमआर, जीवीके जैसी कंपनियों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था. इसके लिए मंगाई गयी बोलियां पिछले 25 फरवरी को खोली गयीं. अदानी एंटरप्राइजेज को छह एयरपोर्ट का जिम्मा मिला था.
सभी छह अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, लखनऊ, मेंगलुरु, जयपुर और गुवाहाटी हवाई अड्डों के परिचालन के लिए अडाणी समूह ने सबसे ऊंची बोली लगाई थी.पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत देश छह हवाई अड्डों के संचालन का ठेका अडाणी समूह को मिला था.
इस समूह को यह ठेका 50 साल तक के लिए मिला है. सरकार ने पिछले साल नवंबर में एएआई द्वारा परिचालित किये जाने वाले छह हवाई अड्डों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत चलाने की अनुमति दी थी.
केंद्र सरकार को भरोसा है कि जिस तरह प्रथम चरण में सरकार ने कंपनियों को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी उसी तरह दूसरे चरण में भी ये निजी कंपनियां दिलचस्पी दिखा सकती हैं.
सरकारी कंपनियों के एसेट मॉनेटाइजेशन पर बनी कमेटी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. जान लें कि कैबिनेट सचिव ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
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