
Ranchi: पेसा नियमावली 2022 को लागू करने में अभी कई पेंच बाकी है. मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के द्वारा इसके प्रारूप की समीक्षा के बाद इसमें और सुधार की जरूरत बतायी गयी है. ऐसे में पंचायती राज विभाग अब इसे और सशक्त बनाने की दिशा में नये सिरे से कार्रवाई करेगा. इस काम में काफी वक्त लगने की संभावना है. ऐसे में वर्तमान सरकार के बचे कार्यकाल में इसे धरातल पर लाना मुश्किल लग रहा है. चंपाई सोरेन ने 13 जून को इसके प्रारूप की समीक्षा की थी. इसे और अधिक आदिवासी हित में बनाने का दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिया है. संविधान के अनुरूप आदिवासियों को और अधिक शक्ति देकर सशक्त किया जायेगा. हालांकि, यह बताया गया कि वर्तमान प्रारूप में पहले से ही ये आदिवासी हित में बनाया गया है, लेकिन सीएम ने बचे हुए गैप को भी भरने को कहा है. इधर, यह बात भी सामने आ रही है कि पेसा नियमावली लागू नहीं कराने के लिए कई गुट बन गये हैं. ये सरकार को दवाब दे रहे हैं कि इसे अभी लागू न किया जाये.
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फिर अध्ययन होगा
पेसा नियमावली को और अधिक सशक्त बनाने के लिए अन्य पड़ौसी राज्यों की नियमावली का नये सिरे से अध्ययन किया जायेगा. नये सिरे से इसमें संशोधन किया जायेगा. आम लोगों से राय भी मांगी जायेगी. इन सब में काफी समय लगेगा. ऐसे में कई सालों से इसे लागू करने का प्रयास जो चल रहा है वह इस साल भी पूरा होता नहीं दिख रहा.
सीएम ने प्राथमिकता बतायी है
हालांकि, मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने पेसा नियमावली को लागू करना सरकार की प्राथमिकता बतायी है. कहा है कि पारंपरिक रीतियों-रिवाजों को लागू करने के लिए वे सशक्त कदम उठायेंगे. अधिकारियों को विस्तृत पेसा नियमावली तैयार करने को कहा है, ताकि इसे राज्य में लागू किया जा सके.




