नई दिल्ली: उपराज्यपाल के कार्यालय ने दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा के उन आरोप को खारिज कर दिया है, जिनमेंउन्होंने कहा है कि उपराज्यपाल ने शनिवार को उनसे और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से मुलाकात करने से इंकार कर दिया। उपराज्यपाल कार्यालय ने एक बयान में कहा है कि दोनों मंत्री उपराज्यपाल नजीब जंग से ‘मुलाकात का वक्त’ लिए बिना और उन्हें अपने आने की कोई सूचना दिए बिना ही आ गए थे।
बयान के मुताबिक, “उपराज्यपाल को उनके आने का पता बाहर मीडिया के एकत्रित होने पर ही हुआ, जिन्हें पहले ही इस बात की सूचना मिल गई थी कि वे उपराज्यपाल के कार्यालय जा रहे हैं।”
उपराज्यपाल के कार्यालय के मुताबिक, जंग के सचिव ने मंत्रियों से मुलाकात की थी, क्योंकि उपराज्यपाल का कार्यालय सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है।
बयान के मुताबिक, “उन्होंने उपराज्यपाल को कोई पत्र भी नहीं सौंपा।”
उपराज्यपाल के कार्यालय ने आम आदमी पार्टी (आप) पर इस मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
बयान के मुताबिक, “यह अफसोसजनक है कि जब दिल्ली इतना गंभीर स्वास्थ्य संकट झेल रही है, तब निर्वाचित सरकार जनता को राहत प्रदान करने के बजाय मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।”
बयान में कहा गया है कि उपराज्यपाल कार्यालय दिल्ली में स्वास्थ्य की स्थिति पर पूरी नजर रख रहा है और अधिकारियों से स्थिति की नियमित जानकारी ले रहा है।




