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गोडसे को ‘देशभक्त’ कहना प्रज्ञा ठाकुर को पड़ा महंगाः डिफेंस कमेटी से बाहर, BJP संसदीय दल की बैठक से भी निष्कासित

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New Delhi: लोकसभा में नाथुराम गोडसे को ‘देशभक्त’ कहना भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर को भारी पड़ा है. बयान पर हुए विवाद के बाद रक्षा मंत्रालय की कमेटी से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी उन्हें पार्टी से बाहर कर सकती है.

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भाजपा ने लोकसभा में अपनी सांसद प्रज्ञा ठाकुर के विवादास्पद बयान की गुरुवार को निंदा की और उन्हें रक्षा मामलों की परामर्श समिति से हटाये जाने की सिफारिश की. इसके साथ ही सत्र के दौरान होने वाले बीजेपी संसदीय दल की बैठकों में भी साध्वी प्रज्ञा को नहीं आने का फरमान सुनाया गया है.

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लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, बहिष्कार

साध्वी प्रज्ञा के बयान पर संसद के शीतकालीन सत्र के नौवें दिन लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ. कांग्रेस ने सांसद प्रज्ञा के बयान पर आपत्ति जताते हुए बीजेपी पर तीखा हमला किया.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साध्वी पर हमला करते हुए ट्वीट किया. राहुल गांधी ने लिखा, ‘आतंकी प्रज्ञा ने आतंकी गोडसे को देशभक्त बताया’, भारत की संसद के इतिहास में ये एक दुखद दिन है.

भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के लोकसभा में दिए विवादित बयान पर कांग्रेस के हंगामे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त मानने की सोच की ही हमारी पार्टी पूरी तरह निंदा करती है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी पहले भी हमारे मार्गदर्शक थे और आज भी हैं, उनके विचार पहले भी प्रासंगिक थे और आज भी प्रासंगिक हैं.

हालांकि विपक्ष रक्षा मंत्री के बयान से संतुष्ट नहीं दिखा. और कांग्रेस ने लोकसभा से वॉक आउट किया. विपक्ष ने सांसद ठाकुर की सदस्यता रद्द करने की मांग की है.

बीजेपी ने की निंदा

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा, लोकसभा सांसद प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी की निंदा करती है, पार्टी ऐसे बयानों का कभी समर्थन नहीं करती. नड्डा ने इस विषय पर लोकसभा में बुधवार को की गयी प्रज्ञा ठाकुर की विवादास्पद टिप्पणी के बाद उत्पन्न राजनीति विवाद को शांत करने का प्रयास करते हुए पार्टी सांसद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा की.

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उन्होंने कहा कि ठाकुर संसद सत्र के दौरान भाजपा संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगी. नड्डा ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मामलों की परामर्श समिति से भी हटाया जायेगा जिसमें उन्हें हाल ही में नियुक्त किया गया था.


वहीं भाजपा के राज्यसभा सदस्य राजीव चंद्रशेखर ने ठाकुर के बयान की निंदा करते हुये कहा कि पार्टी ने उन्हें संसदीय समिति से हटाने की अनुशंसा कर उचित कार्रवाई की है.

संसद भवन परिसर में चंद्रशेखर ने संवाददाताओं को बताया, ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले गोडसे को महिमा मंडित करना किसी भी नजरिये से उचित नहीं है. गांधी दलगत भाव से ऊपर उठकर हम सभी के लिये सदैव प्रेरणा के स्रोत रहे हैं और रहेंगे.’

सदस्यता रद्द करने की मांग

महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के बारे में भाजपा सांसद प्रज्ञा सिहं ठाकुर के विवादित बयान की विपक्ष और सत्तापक्ष ने एकस्वर से निंदा की है. इस दौरान आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने ठाकुर को संसदीय समिति से हटाने के भाजपा के फैसले को नाकाफी बताते हुये उनकी संसद सदस्यता रद्द किये जाने की मांग की.

सिंह ने कहा, ‘प्रज्ञा सिंह ठाकुर आदतन इस तरह के बयान देती रहीं हैं. लेकिन इस बार लोकतंत्र के मंदिर में उन्होंने गोडसे को देशभक्त बताकर सारी हदें पार कर दी हैं. ऐसे व्यक्ति को संसद सदस्य बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.’

सिंह सहित अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने नियम 267 के तहत कार्यस्थगन कर ठाकुर के बयान पर चर्चा कराने की मांग की है.

तृणमूल कांग्रेस के मानस रंजन भुइयां ने ठाकुर के बयान को भारतीय मूल्यों के विरुद्ध बताते हुये कहा, ‘ राष्ट्रपिता के हत्यारे को भारत की संसद में देशप्रेमी बताने वाला बयान भारत के लिये शर्मनाक है. भाजपा को खुद आगे आकर इस बयान की निंदा कर ऐसे बयान देने वाले अपने पार्टी नेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहिये.’

उन्होंने ठाकुर की संसद सदस्यता रद्द किये जाने की विपक्ष की मांग को जायज बताते हुये कहा कि संसदीय समिति से उन्हें हटाने की अनुशंसा मात्र करना नाकाफी है.

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विवादित बयान पर बवाल

गौरतलब है कि बुधवार को ठाकुर के बयान से उस समय विवाद उत्पन्न हो गया जब उन्होंने द्रमुक सदस्य ए राजा द्वारा नाथूराम गोडसे के अदालत के समक्ष महात्मा गांधी की हत्या के संबंध में दिये गए बयान के दौरान टिप्पणी करते हुए देशभक्त बताया था.

विपक्षी सदस्यों ने ठाकुर के इस बयान का विरोध किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा था कि इस संबंध में केवल ए राजा का बयान रिकॉर्ड में जायेगा.

विपक्षी सदस्यों इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा कार्रवाई नहीं करने से इस सोच के समर्थन की बात ही स्पष्ट होती है.

उल्लेखनीय है कि लोकसभा प्रचार अभियान के दौरान ठाकुर ने गोडसे को देशभक्त बताया था जिससे विवाद उत्पन्न हो गया था और बाद में उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी. बाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि उनका बयान बहुत गलत है, समाज के लिये बहुत गलत है. ‘ उन्होंने माफी मांग ली है लेकिन वह मन से उन्हें माफ नहीं कर पायेंगे.’

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गोडसे नहीं ऊधम सिंह को बताया था देशभक्त

भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर बरपे हंगामे के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने नाथुराम गोडसे ने बल्कि ऊधम सिंह को देशभक्त कहा था.

अपने बयान को गलत तरीके से लेने की दलील देते हुए उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कल मैंने स्वतंत्रता सेनानी ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा था.

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