
Ranchi: धूमकुड़िया घर सह सामुदायिक भवन मिसिर गोंदा में गुरुवार को बिरसा विकास जन कल्याण समिति मिसिर गोंदा के तत्वावधान में आगामी प्रकृति महापर्व सरहुल पूजा 2022 की तैयारी को लेकर एक विशेष बैठक की गयी. अध्यक्षता गांव के पाहन बिरसा पाहन एवं संचालन कृष्णा उरांव ने किया. बिरसा पाहन ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस साल भी 3 अप्रैल को चैत्र द्वितीय शुक्ल पक्ष को उपवास, केकड़ा मछली पकड़ाई का रस्म होगा. शाम 7 बजे पवित्र सरना स्थल मिसिर गोंदा, कांके डैम पार्क में पारंपरिक रीति रिवाज से जल रखाई पूजा होगी.
4 अप्रैल को (चैत्र तृतीय शुक्ल पक्ष) सरना पूजा स्थल में सुबह 8 बजे पूजा आरंभ होगी. शोभा यात्रा अपराह्न 2 बजे सरना स्थल मिसिर गोंदा से सिरोम टोली सरना स्थल के लिए प्रस्थान करेगी.
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5 अप्रैल को फ़ूलखोंसी (पुष्प अर्पण) का कार्यक्रम होगा. समिति के अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि सरहुल पूजा पर आदिवासी समाज सरहुल शोभायात्रा भव्य तरीके से निकालेगा.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह है कि प्रकृति महापर्व सरहुल पूजा के मौके पर तीन दिवसीय राजकीय अवकाश घोषित करें. इससे राज्य के आदिवासी समाज के लोग इस प्रकृति महापर्व को हर्षोल्लास के साथ मना सकेंगे.
समिति के संरक्षक चिल्गु लड़का ने कहा कि सरहुल पूजा आदिवासियों का मुख्य प्रकृति पर्व है जिसमें आदिवासियों का धार्मिक पहचान प्रदर्शित होता है. इसलिए सरहुल पूजा में अपने सांस्कृतिक नृत्य, गीत, भेष भूषा के साथ ही सरहुल मनाया जाये. बैठक में मुख्य रूप से समिति के मुख्य संरक्षक एतवा मुंडा, महासचिव कृष्णा उराँव, कोषाध्यक्ष सन्नी उरांव और अन्य उपस्थित थे.
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