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पंचायत चुनावः बुढ़मू में चुनाव चिह्न आवंटन में लापरवाही, BDO का जवाब- कैंडिडेट से पूछेंगे

Amit Jha

Ranchi: बुढ़मू ब्लॉक, रांची में चौथे और अंतिम चरण में पंचायत चुनाव होने हैं. ठाकुरगांव ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्यों के लिये कैंडिडेट को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया गया है. बीडीओ कार्यालय से आवंटित चुनाव चिह्न को लेकर बवाल मचना शुरू है. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव सिंबल का आवंटन प्रत्याशियों को उनके नाम के हिंदी वर्णमाला के अनुसार आवंटित करने का प्रावधान है. पर इसका पालन नहीं हुआ है. बीडीओ इस मामले में सवाल पूछे जाने पर कैंडिडेट से बात करके बताने की बात कह रही हैं. उधर, निर्वाचन आयोग ने इस पर कार्रवाई की बात कही है.

इन उदाहरणों से समझें मामले को

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बुढ़मू ब्लॉक के ठाकुरगांव पंचायत के चार नंबर वार्ड के लिये वार्ड सदस्य (ग्राम पंचायत) हेतु जारी चुनाव चिह्न पर गौर करें. बिटू साहु को चुनाव चिह्न गैस का चूल्हा और क्रमांक 1 जारी किया गया है. इसी वार्ड से आदित्य साहु को कांच का गिलास और क्रमांक 2 दिया गया है. रवि चौरसिया को चुनाव चिह्न के तौर पर मिर्च और 3 नंबर क्रमांक मिला है. कामेश्वर प्रसाद साहु को क्रमांक 4 और चुनाव चिह्न टोप मिला है. प्रावधानों के मुताबिक हिन्दी वर्णमाला के हिसाब से इनमें से आदित्य को 1 नंबर, कामेश्वर को 2 नंबर और बिटू साहु को 3 तथा रवि को 4 नंबर पर रखा जाना चाहिए था.

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वार्ड 12 के लिये सरिता कुमारी को क्रमांक 1 और गैस का चुल्हा चुनाव चिह्न के तौर पर आवंटित किया गया है. उषा देवी भी इसी वार्ड से कैंडिडेट के तौर पर खड़ी हैं. उन्हें क्रमांक 2 और चुनाव चिह्न कांच का गिलास मिला है. इन दोनों कैंडिडेट के उदाहरण में देखें तो वर्णमाला क्रम के मुताबिक उषा देवी का क्रमांक 1 होना चाहिये था और सरिता कुमारी का इनके बाद जो नहीं किया गया है.

क्या कहती हैं बीडीओ

बुढ़मू बीडीओ नम्रता जोशी से न्यूज विंग ने जब फोन पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी ने शिकायत नहीं की है. वैसे वे इस मामले में कैंडिडेट से बात करेंगी. इसके बाद उन्हें और दो बार अलग अलग डेट में फोन किया गया, मैसेज करके भी उनका पक्ष जानने की कोशिश की गयी पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. रांची डीसी सह जिला निर्वाची पदाधिकारी छवि रंजन से भी बुढ़मू मामले पर जानकारी के लिये फोन करने पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला.

क्या कहता है आयोग

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने कहा कि प्रावधानों के मुताबिक हिन्दी वर्णमाला के मुताबिक क्रमांक तय करते चुनाव चिह्न जारी करना है. अगर इसका पालन नहीं हुआ है तो यह वैध नहीं. इसे ठीक किया जाना चाहिये. आयोग के पास किसी की लिखित शिकायत आने पर आगे कार्रवाई की जायेगी.

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