
Palamu : कोख में पालने के बाद एक कलयुगी निर्दयी मां ने नवजात शिशु को नदी के किनारे भगवान भरोसे छोड़ दिया. वहां से गुजरने वाले लोगों ने जब बच्चों के रोने की आवाज़ सुनी तो राहगीरों का दिल पसीज गया. घटना पलामू जिला के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के थाना रोड स्थित बटाने नदी तट की है. 2 दिन बाद रविवार को नवजात शिशु मिलने की सूचना सीडब्ल्यूसी को मिली. सीडब्ल्यूसी के लोगों ने उक्त बच्चा को इलाज के लिए रविवार को मेदिनी राय मेडिकल कालेज अस्पताल स्थित एसएनसीयू में भर्ती कराया. डा गौरव विशाल की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है.
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दरअसल, 29 जनवरी को हरिहरगंज के बटाने नदी तट पर गांव के लोगों ने एक बच्चे की रोने की आवाज सुनीं थी. बच्चा के रोने की आवाज पर अमरूद के बगीचा का रखवाली कर रहे औरंगाबाद जिला के अंबा थाना के संडा गांव निवासी मनोज चौधरी व उसकी पत्नी मंजू देवी वहां पहुंची. उन्होंने रोने की आवाज वाले इलाके में देखा तो एक बालक मिला.
गांव में इसकी सूचना आग की तरह फैल गई और लोग नवजात को देखने पहुंचने लगे. मनोज चौधरी ने बताया कि सुबह में जब बाहर निकले थे तो नदी किनारे पर बच्चे की रोने की आवाज सुनकर जाकर देखा तो एक लावारिस नवजात शिशु पड़ा था. देखने से लग रहा था कि नवजात एक या दो दिन का होगा. बच्चा को मनोज चौधरी ने रख लिया.
इधर, रविवार को सूचना मिलने पर पुलिस ने सीडब्ल्यूसी को जानकारी दी. सीडब्ल्यूसी ने बच्चे को इलाज के लिए एमआरएमसीएच स्थित एसएनसीयू में भर्ती करा दिया.




