
Kolkata : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी विधायकों को नहीं बोलने देने और संसदीय कार्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तापस राय के धमकी भरे बयान को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है.
विधानसभा परिसर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान और माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना हिटलर और मुसोलिनी जैसे तानाशाहों से की है.
इसके साथ ही इन नेताओं ने आरोप लगाया कि जिस तरह से अपने अंत से पहले दुनियाभर के तानाशाह निरंकुश हो गए थे, उसी तरह तृणमूल कांग्रेस की सरकार भी निरंकुश तरीके से विधानसभा का परिचालन करना चाहती है.
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‘धमकी अस्वीकार्य’
सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि अनैतिक तरीके से विधानसभा को चलाया जा रहा है.
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक मन्नान ने कहा कि मुख्यमंत्री की पार्टी का कौन सा नेता उन्हें किस रूप में देखता है, यह उनका अपना काम है. लेकिन जिस तरीके से आज विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्षी विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष धमकी दी है, वह अस्वीकार्य है.
‘अखबार ने गलत लिखा तो कार्रवाई का प्रावधान’
मन्नान ने कहा कि अगर विधानसभा की कोई खबर, कोई पत्रकार या अखबार गलत लिखता है तो उस विशेष अखबार के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है. मुख्यमंत्री ने जो नहीं कहा, अगर वह बात कोई लिखता है तो इसके खिलाफ लिखित तौर पर शिकायत की जा सकती है.
इसी तरह से अगर विधायक किसी तरह का कोई अपशब्द या अनैतिक आचरण करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान है. आज जिस तरह से संसदीय कार्य मंत्री तापस राय ने विपक्षी विधायकों को धमकी दी है वह असंसदीय और अन्याय पूर्ण है.
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सुजन ने कहा था, ‘तू बैठ जा’
उल्लेखनीय है कि विधानसभा में तापस रॉय ने एक अखबार की कटिंग विधानसभा अध्यक्ष को दिखाते हुए उस पर गलत रिपोर्टिंग का आरोप लगाया था. इसके साथ ही माकपा नेतृत्व के बीच मतांतर होने का दावा किया था.
इस बीच जब सुजन ने जब हस्तक्षेप करते हुए अपनी बात रखने की कोशिश की थी तब उन्होंने बांग्ला में कहा था, “सुजन तू बैठ जा. ”
‘सरकार मुद्दा दबाने की कोशिश में’
इसी का जिक्र करते हुए माकपा विधायक दल के नेता ने कहा कि ममता बनर्जी ने हमारा साथ चाहा था और हम लोगों ने जब एकजुट होकर उनकी अपील को ठुकरा दी है तो राज्य सरकार अब इस पूरे मुद्दे को कैसे भी दबाने की कोशिश कर रही है.
इसीलिए सरेआम विधानसभा जैसी संवैधानिक जगह पर धमकी दी जा रही है. विधानसभा अध्यक्ष हमें बोलने नहीं दे रहे. सत्तापक्ष के विधायकों के लिए अलग नियम और विपक्षियों के लिए अलग नियम, ऐसा स्वीकार्य नहीं किया जा सकता.
संवाददाता सम्मेलन के दौरान कांग्रेस विधायक दल के उपनेता नेपाल महतो, मुख्य सचेतक तथा राज्य के पूर्व मंत्री मनोज चक्रवर्ती, आरएसपी के विधायक और पूर्व मंत्री विश्वनाथ चक्रवर्ती आदि मौजूद थे.
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