
Manoj Dutt Dev
Latehar: 26 जून को लातेहार के छपरी-महुआ में लैंड माइन ब्लास्ट और मुठभेड़, ऑपरेशन ग्रीन हंट का जवाब था. यह बात भाकपा माओवादी के कोयल शंख जोनल कमिटी के प्रवक्ता ने न्यूज विंग के लातेहार संवाददाता से फोन पर सम्पर्क कर विज्ञप्ति जारी करते हुई कही. 26 जून को सुरक्षाबलों पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेते हुए भाकपा माओवादी के प्रवक्ता ने कहा कि इस दौरान सुरक्षाबल के छह जवान मारे गये. जबकि चार घायल हुए. प्रवक्ता ने कहा कि छपरी-महुआ एंबुस पुलिस को ‘धुल चटाओ एवं दुश्मनों को घेरा डालो-विनाश करो’ के तहत ऑपरेशन ग्रीन हंट का जवाब था. माओवादियों ने आरोप लगाया कि 26 जून को दिन के करीब 02:15 बजे पहले सीआरपीएफ कोबरा ने दर्जनों मोटार्र रॉकेट लॉंचर से हमारे ठिकाने पर हमला किया था. जिसके जवाब में ठीक उसी दिन पीएलजीए छापामार दस्ते के लोगों ने सुरक्षाबल को जवाब दिया. वही माओवादी प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षाबल के हमले में हमारा एरिया कमांडर शेखर जी उर्फ विजय मारा गया. लेकिन एक शहादत से हमारा मनोबल टूटने वाला नहीं, बल्कि और मजबूत हुआ है.
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फासिस्ट है भाजपा सरकार
फोन पर भाकपा माओवादी के प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड की संपदा, जल-जंगल-जमीन को विदेशी कॉरपोरेट को देने के लिए फासिस्टवादी भाजपा सरकार दमनकारी काम कर रही है. आदिवासियों को कुचलने का काम कर रही है. लेकिन भाजपा सरकार की साजिश सफल नहीं होगी. साथ ही कहा कि समाज में जब तक मानव का मानव द्वारा शोषण होता रहेगा, तब तक शोषण के खिलाफ क्रांति जारी रहेगी. जब-जब सुरक्षा बल द्वारा गरीब आदिवासी का दमन होगा, तब तक पीएलजीए उसका जवाब देने के लिए बाध्य होगी. भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए प्रवक्ता ने कहा कि सैनिकों की मौत की जिम्मेवार केंद्र एवं राज्य सरकार है.
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