
Ranchi: अत्याचार पीड़ितों के लिये राज्यों को केंद्र सरकार अलग से फंडिंग करती है. यह फंडिंग समाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से जारी की जाती है. इस संबध में मंत्रालय की ओर से रिपोर्ट जारी की गयी.
रिपोर्ट में सभी राज्यों को देने वाली फंडिंग और अत्याचार पीड़ितों को दिये गये सहायता की संख्या बतायी गयी है. झारखंड को भी इस मद से फंडिंग की गयी है. इस रिपोर्ट में साल 2016-17 से वार्षिक मिलने वाले फंड और लाभुकों की जानकारी दी गयी है. रिपोर्ट में 2018-19 तक का जिक्र किया गया है.
साल 2016-17 की बात करें तो इस साल राज्य को केंद्र से 50 लाख रुपये मिले. इस फंड से मात्र 117 पीड़ितों को ही सहायता राशि मिली. केंद्र सरकार के अनुसार अत्याचार पीड़ितों की श्रेणी में ऐसे लोगों को रखा जाता है जिनके साथ क्रूरता से उत्पीड़न किया गया हो.
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किस साल कितने फंड मिले और कितनों को मिला लाभ
साल 2017-18 में 150 लाख केंद्र की ओर से राज्य को दिया गया. इससे 595 लोगों को फंडिंग की गयी. साल 2018-19 में 300 लाख मिलें. इसमें से एक हजार लोगों की सहायता की गयी.
आंकड़ों की मानें तो राज्य में फंडिंग बढ़ने के साथ-साथ पीड़ितों को मिलने वाले लाभ की संख्या भी बढ़ी. लेकिन ये आंकड़े ये भी बताते है कि इन सालों में अत्याचार संबंधित मामलों मे भी बढ़ोतरी हुई.
2019-20 की रिपोर्ट फिलहाल जारी नहीं की गयी है. मंत्रालय की ओर से साल 2018 में जारी रिपोर्ट को भी देखे तो इसमें भी इससे संबधित आंकड़े बताये गये है. इस रिपोर्ट के अनुसार साल 2015-16 में केंद्र ने 50 लाख राज्य को दिया. लेकिन इस साल कितनें पीड़ितों को इसका लाभ दिया गया, इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार की ओर से मंत्रालय को नहीं दी गयी.
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35 हजार से लाखों तक का है प्रावधान
इस फंड के तहत पीड़ितों को 35 हजार से लेकर लाखों तक की फंडिंग की जाती है. इसके फंडिंग के प्रावधानों पर भी सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिशा निर्देश दिये गये है.
हाइकोर्ट अधिवक्ता राजेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि यह फंड मुख्य रूप से एससी, एसटी और ओबीसी को दी जाती है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार राज्य में इस तरह के मामले डालसा में ही जायेंगे. और डालसा ही अत्याचार के अनुसार कंपनसेशन तय कर सकता है.
अगर अत्याचार के बाद किसी शख्स की मौत हो जाती है तो उसे लाखों की सहायता दी जाती है. इसकी न्यूनतम राशि 35 हजार है. ऐसे लोगों के आपत्तिजनक वीडियो आदि वायरल होने पर भी लाखों की सहायता की जाती है.




