
NewDelhi : केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में जनगणना 2021 और NPR तैयार करने की रूपरेखा निर्धारित करने के लिए आज दिल्ली में बैठक शुरू हुई. खबरों के अनुसार केरल समेत सभी राज्य इस बैठक में शिरकत कर रहे हैं. लेकिन पश्चिम बंगाल ने बैठक में किसी को नहीं भेजा है.
बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, मुख्य सचिव व जनगणना निदेशक बैठक में मौजूद हैं. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार बैठक में जनगणना व NPR के तहत शुरू होने वाले मकान सूचीकरण के चरण पर विस्तृत चर्चा की जानी है. यह कार्यक्रम एक अप्रैल से 30 सितंबर 2020 तक चलेगा.
देश के नागरिकों का एक विस्तृत डाटा बेस तैयार किया जायेगा
NPR पर बैठक के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि इसके जरिए देश के नागरिकों का एक विस्तृत डाटा बेस तैयार किया जायेगा. इसमें जन सांख्यिकी और बायोमीट्रिक दोनों तरह के आंकड़े जमा किये जायेंगे. खबरों के अनुसार अधिकतर राज्यों ने NPR के प्रावधानों पर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. केंद्र सरकार ने इसके लिए 3941.35 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी है.
दस्तावेजों की जांच नहीं होगी

सूत्रों के अनुसार NPR के तहत लोगों से ली जा रही जानकारियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच नहीं की जायेगी. आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस होने पर इनकी जानकारी ली जायेगी. NPR व जनगणना में क्षेत्रीय शिक्षकों को लगाया जायेगा, जिन्हें अधिकतम 25 हजार रुपये का भुगतान किया जायेगा
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ममता की चुनौती, बर्खास्त करके दिखाये सरकार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की ओर से NPR को लेकर आयोजित बैठक में भाग लेने से पहले ही इनकार कर दिया था. साथ ही राज्यपाल जगदीप धनखड़ को चुनौती दी कि केंद्र की लाइन पर नहीं चलने पर प्रदेश सरकार बर्खास्त करके दिखायें. जान लें कि राज्य सरकार NPR प्रक्रिया को प्रदेश में पिछले महीने ही रोक चुकी है.
उन्होंने फिर दोहराया कि वे पश्चिम बंगाल में CAA, NPR और NRC लागू नहीं होने देंगी. इस पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपना सांविधानिक कर्तव्य समझना चाहिए. वे एक राज्य की मुख्यमंत्री हैं, पूरे देश की नहीं.
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मकान सूचीकरण के जरिए 31 प्रकार की जानकारियां ली जायेगी
केंद्र सरकार मकान सूचीकरण देशवासियों से जुड़ी 31 प्रकार की जानकारियां जमा करेगी. सभी जनगणना अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में लोगों के घरों पर जाकर सवाल पूछें और जानकारियां दर्ज करें. इनमें मकान नंबर, जनगणना मकान नंबर, मकान के फर्श, दीवार और छत में उपयोग सामग्री, मकान के उपयोग और हालत की जानकारी ली जायेगी.
परिवार क्रमांक, सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, आरक्षित वर्ग की जानकारी, मकान के मालिकाना हक की जानकारी, कमरों की संख्या, परिवार में विवाहित दंपति की संख्या, पेयजल स्रोत, पेयजल उपलब्धता, प्रकाश का स्रोत, शौचालय की सुलभता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, बाथरूम की उपलब्धता, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन जैसी जानकारियां भी ली जायेगी.
घर में खाना पकाने में उपयोग हो रहे ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड, कार/जीप/वैन और परिवार द्वारा उपयोग हो रहा मुख्य अनाज व मोबाइल फोन नंबर भी दर्ज होंगे.
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