
Ranchi: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार करने के लिए कई तरह के उपाय समय-समय पर करता रहा है. हर साल 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा से पूर्व मूल्यांकन संबंधी जानकारी शिक्षकों को दी जाती है.
फिर भी मूल्यांकन पर सवाल उठते रहे हैं. मूल्यांकन में जीरो एरर सुनिश्चित करने के लिए सीबीएसई शिक्षकों पर कार्रवाई करने जा रही है. सीबीएसई ने कहा है कि अगर मूल्यांकन में किसी तरह की गड़बड़ियां हुई तो मूल्यांकन करने वाले शिक्षक को ब्लैक लिस्ट किया जायेगा.
इसे भी पढ़ेंःसरायकेला में मॉब लिंचिंगः नफरत की आग ने आपके अपनों को हत्यारा बना ही दिया !
बोर्ड के इस कदम के संबंध में सीबीएसई के झारखंड कॉर्डिनेटर व गुरुनानक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य डॉ मनोहर लाल बताते हैं कि बोर्ड में हालांकि इस तरह की प्रक्रिया पहले से भी रही है.
इसके लिए पनिशमेंट का प्रावधान है. लेकिन मूल्यांकन में लापरवाही को रोकने के लिए ब्लैक लिस्ट का कदम इस बार उठाया गया है.
इस संबंध में सभी स्कूलों के प्राचार्या को बोर्ड पत्र लिखकर जानकारी दे रही है. बोर्ड ने अपने पत्र में कहा है कि दो जुलाई को 12वीं और दो से छह जुलाई तक 10वीं कंपार्टमेंटल परीक्षा होने जा रही है.
इसे भी पढ़ेंःचमकी बुखार पर बिहार और केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, सात दिनों में मांगा जवाब
इस परीक्षा के रिजल्ट के बाद स्क्रूटनी में कम अंक देने या टोटलिंग में गड़बड़ी की बात सामने आयी तो ऐसे शिक्षक को चिन्हित करते हुए परीक्षा कार्य से ब्लैक लिस्टेड कर दिया जायेगा.
10वीं या 12 वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट के बाद स्क्रूटनी व पूर्नमूल्यांकन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए. इन आंकड़ों ने सीबीएसई की चिंता बढ़ा दी. इसके बाद बोर्ड ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया है.
भविष्य में ऐसी समस्या न हो इसके लिए बोर्ड शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है. यह सूची वैसे शिक्षकों को उपलब्ध होगी, जिनसे मूल्यांकन कार्य लिया जाता है. सभी स्कूलों को यह सूची बोर्ड को उपलब्ध करानी है.
बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि इस सूची में इसमें एडहॉक शिक्षकों का नाम देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी. मूल्यांकन कार्य के लिए नियमित शिक्षकों का ही नाम सीबीएसई ने स्कूलों को देने को कहा है.
इसे भी पढ़ेंःRBI के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य का इस्तीफा, सात महीने में दूसरे उच्च अधिकारी ने छोड़ा पद




