
New Delhi: निर्भया गैंगरेप मामले में दिल्ली के पटियाला कोर्ट में 13 दिसंबर को सुनवाई टल गयी थी. ऐसा इसलिए क्योंकि इस मामले के दोषी अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसपर 17 दिसंबर को सुनवाई होनी है. पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के बाद पटियाला हाउस में मामले पर सुनवाई 18 दिसंबर को होगी.
Asha Devi, mother of 2012 Delhi gang-rape victim: We believe we will get justice because we have no other option. If Kuldeep Sengar (Unnao rape convict) & Nirbhaya’s 4 culprits get capital punishment, it will send a strong message to the society. pic.twitter.com/vZcNvZOnjW
— ANI (@ANI) December 17, 2019
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रिव्यू पिटिशन के खिलाफ याचिका
निर्भया से गैंगरेप के दोषी चार लोगों में से एक अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, जिसपर 17 दिसंबर को सुनवाई होनी है.
वहीं इस पुनर्विचार याचिका के खिलाफ गैंगरेप पीड़िता निर्भया की मां पिटीशन दायर किया था. उन्होंने पुनर्विचार याचिका का विरोध किया था. साथ ही कहा कि न्याय के लिए हम सात साल लड़े हैं, सात दिन और इंतजार कर सकते हैं.
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18 दिसंबर को फांसी पर सुनवाई
दिल्ली के पटियाला हाउस में 13 दिसंबर को मामले पर सुनवाई होनी थी. सुरक्षा कारणों से चारों दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था. मामले में सुनवाई के दौरान निर्भया के वकील ने कहा कि दोषियों की फांसी की तारीख तय होनी चाहिए. दया याचिका दायर करने से डेथ वारंट जारी होने का कोई लेना देना नहीं है.
SC to hear Nirbhaya gang-rape, murder convict’s review plea today
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— ANI Digital (@ani_digital) December 17, 2019
मामले पर निर्भया के वकील का कहना था कि अगर सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करने जा रहा है, तो वे डेथ वारंट को स्थगित या स्टे कर सकते हैं. लेकिन बाकी के तीन दोषियों की पुनर्विचार खारिज हो चुकी है. उन्हें क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने का अधिकार नहीं है.
इस पर पटियाला हाउस के जज ने कहा कि जब तक पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. तब तक ये कोर्ट डेथ वारेंट जारी नहीं कर सकता.




