
Guwahati: संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ पूर्वोत्तर राज्यों में भड़की हिंसा के बाद स्थिति सामान्य हो रही है. असम में बिल के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर 11 दिसम्बर से गुवाहाटी में लगा कर्फ्यू आज यानी मंगलवार 17 दिसंबर को हटा लिया गया. वहीं डिब्रूगढ़ में कर्फ्यू में 14 घंटे की छूट दी गयी है.
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Assam DGP, BJ Mahanta: 136 cases have been registered so far& 190 protesters have been arrested.These were not normal democratic protesters but people who indulged in violence,some conspirators have also been arrested, including some major leaders from various organizations. #CAA https://t.co/0Rvb5miALT
— ANI (@ANI) December 17, 2019
वहीं पुलिस ने 190 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बताया कि गुवाहाटी में दुकानें और व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुले हैं. बस, कार और दोपहिया वाहन सड़कों पर नजर आ रहे हैं.
कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा सोमवार को बुलाई गई एक बैठक में गुवाहाटी से कर्फ्यू हटाने का निर्णय लिया गया.
आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘ गुवाहाटी में मंगलवार को सुबह छह बजे से पूरी तरह कर्फ्यू हटाने का निर्णय लिया गया है.’’ हालांकि बयान में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के बारे में कोई जिक्र नहीं है.
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डिब्रूगढ़ में कर्फ्यू में 14 घंटे की छूट
एक ओर जहां गुवाहाटी से कर्फ्यू हटाया गया है, वहीं डिब्रूगढ़ में मंगलवार को सुबह छह बजे से 14 घंटे तक यानी शाम 8 बजे तक के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है.
The curfew imposed in Dibrugarh district in the wake of major protests across the state over the Citizenship (Amendment) Act, 2019, was on Tuesday relaxed from 6 am to 8 pm by the district administration
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— ANI Digital (@ani_digital) December 17, 2019
गौरतलब है कि असम में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के बाद प्रदर्शनकारियों ने तीन रेलवे स्टेशन, एक पोस्ट ऑफिस, एक बैंक, एक बस टर्मिनल, कई दुकानें, वाहनों और कई अन्य सार्वजनिक सम्पत्तियों को आग लगा दी थी या उनमें तोड़-फोड़ की थी. प्रदर्शनों में बुधवार तक पांच लोग अपनी जान गंवा चुके थे.
वही असम के डीजीपी बीजे महंता ने जानकारी दी कि विरोध-प्रदर्शन को लेकर 136 केस दर्ज किये गये हैं. साथ ही 190 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने हिंसा भड़काने की कोशिश की. इनमें कुछ संस्थानों के बड़े नेता भी शामिल हैं.
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