
New Delhi: निर्भया के चारों दोषी फांसी के और करीब आ गये हैं. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन गुप्ता की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने अपराध के समय नाबालिग होने का दावा किया था.
न्यायालय ने मौत की सजा पाये पवन गुप्ता की यह दलील ठुकराई कि 2012 में अपराध के समय वह नाबालिग था.
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पवन गुप्ता की याचिका खारिज
फांसी की सजा सुनाये गये पवन गुप्ता ने उसके नाबालिग होने के दावे को अस्वीकार करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी.
न्यायमूर्ति आर भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दोषी पवन गुप्ता के वकील ने दावा किया कि दिसंबर, 2012 में इस अपराध के समय पवन नाबालिग था और उच्च न्यायालय ने गलत तरीके से उसकी इस दलील को अस्वीकार कर दिया.
2012 Delhi gang-rape case: Supreme Court dismisses Special Leave Petition (SLP) filed by convict Pawan Kumar Gupta as the Court did not find any fresh ground in the matter. Pawan has claimed that he was a juvenile at the time of crime,& the Delhi High Court had ignored this fact. pic.twitter.com/8DrDGwSqQh
— ANI (@ANI) January 20, 2020
पीठ ने कहा कि अपराध के समय दोषी के नाबालिग होने की दलील निचली अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान नहीं दी गयी थी. हालांकि , पवन के वकील ने दलील दी कि इस मामले में सजा पर बहस के दौरान यह मुद्दा उठाया गया था.
पवन गुप्ता ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को उच्चतम अदालत में याचिका दायर की थी. इस याचिका में अनुरोध किया गया है कि प्राधिकारियों को एक फरवरी को उसकी मौत की सजा पर अमल नहीं करने का निर्देश दिया जाये.
सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने कहा कि याचिका और दलीलों में कुछ भी नया नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने माना घटना के वक्त पवन बालिग था.
दोषियों को फांसी मिलने पर होगी संतुष्टि- निर्भया की मां
इधर पवन गुप्ता की एसपीएल खारिज होने पर निर्भया की मां ने कहा कि दोषी फांसी को टालने की कोशिश कर रहे हैं. जब दोषियों को फांसी होगी तब जाकर उन्हें न्याय मिलेगा. उन्हें एक-एक करके फांसी दी जानी चाहिए ताकि वे समझ सकें कि कानून के साथ खिलवाड़ करने का क्या मतलब है.
Asha Devi, 2012 Delhi gang rape victim’s mother: Their tactic to delay hanging has been rejected.I’ll be satisfied only when they’re hanged on Feb 1.Just like they’re delaying it one after other, they must be hanged one by one so that they understand what it means to toy with law https://t.co/TrMRDOEIHf pic.twitter.com/wljyGjIBmb
— ANI (@ANI) January 20, 2020
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को चारों दोषियों (विनय शर्मा, मुकेश कुमार, अक्षय कुमार सिंह और पवन) की मौत की सजा पर एक फरवरी को अमल करने के लिये नये सिरे से आवश्यक वारंट जारी किये थे. 1 फरवरी को सुबह 6 बजे चारों दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने की तारीख तय है.
गौरतलब है कि निर्भया के साथ 16-17 दिसंबर, 2012 की रात में दक्षिण दिल्ली में चलती बस में छह व्यक्तियों ने गैंगरेप के बाद उसे बुरी तरह जख्मी हालत में सड़क पर फेंक दिया था. बाद में निर्भया की 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के एक अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी.
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