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एनआईए का कमाल, ब्लड टेस्ट रिपोर्ट को हवाला लेन-देन समझ  हृदय रोग विशेषज्ञ से पूछताछ की

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NewDelhi :  एनआईए ने एक हृदय रोग विशेषज्ञ  द्वारा  ब्लड रिपोर्ट में प्रयोग  किये गये एक तकनीकी शब्द को हवाला कोड समझ लिया. इस कारण पद्मश्री से सम्मानित हृदय रोग विशेषज्ञ और कश्मीरी पंडित उपेंद्र कौल  परेशानी में पड़ गये.  खबर है कि इस हृदय रोग विशेषज्ञ  द्वारा  अलगाववादी नेता यासिन मलिक की ब्लड रिपोर्ट में प्रयोग  किये गये तकनीकी शब्द को हवाला कोड समझ कर एनआईए ने शुक्रवार को  समन किया.  द टेलीग्राफ के अनुसार  दिल्ली स्थित हृदय रोग विशेषज्ञ और कश्मीरी पंडित उपेंद्र कौल और यासीन मलिक ने एक-दूसरे को कुछ टेक्स्ट मैसेज किये  थे, जिसमें आईएनआर 2.78 का जिक्र था.

जान लें कि आईएनआर का उपयोग भारतीय रुपये के संबंध में भी किया जाता है, जिससे संभवतः एनआईए को लगा कि इसका उपयोग हवाला लेन-देन के लिए हुआ है. कुछ कश्मीरी नेताओं पर अक्सर हवाला लेन-देन का आरोप लगाया जाता है. हालांकि, मेडिकल साइंस में आईएनआर का अर्थ इंटरनेशनल नॉर्मलाइज्ड रेश्यो के लिए किया जाता है, जो खून के थक्के जमने के समय को दर्शाने का पैमाना है.

एनआईए ने आईएनआर का मतलब भारतीय रुपया समझ लिया

कोलकाती  के एक ह्रदय रोग विशेषज्ञ ने इस संबंध में  कहा कि डॉक्टर्स आईएनआर की मदद से किसी मरीज के खून के थक्कों को एंटी क्लोटिंग दवाओं से सोखते हैं. यह विशेष रूप से उनके लिए जरूरी है जो खून को पतला करने की दवाइयां लेते हैं.  एनआईए ने गुरुवार को  डॉ उपेंद्र कौल को समन जारी कर उन्हें शुक्रवार सुबह 10.30 बजे पेश होने को कहा. एनआईए के एक प्रवक्ता ने कौल को तलब करने के कारणों पर कोई टिप्पणी नहीं की.

डॉ उपेंद्र कौल  ने शुक्रवार शाम दिल्ली के लोदी रोड पर एनआईए के मुख्यालय में अपने अनुभवों को याद करते हुए कहा, ‘जांच के दौरान मुझे लगा कि एनआईए ने आईएनआर का मतलब भारतीय रुपया समझ लिया. मैंने उन्हें स्पष्ट किया कि मेडिकल भाषा में आईएनआर का मतलब इंटरनेशनल नॉर्मलाइज्ड रेश्यो है और यह उनके अनुरूप सोचे जा रहे भारतीय रुपये से कोई ताल्लुक नहीं है.

कौल  वर्तमान में बत्रा हार्ट सेंटर के चेयरमैन हैं.

कौल के अनुसार जांचकर्ता शायद इसमें उलझ गये थे , लेकिन मैंने उनकी गलतफहमी दूर  कर दी. मैंने उन्हें बता दिया कि एक डॉक्टर होने के होने नाते कोई भी मेरा मरीज हो सकता है, मैं मलिक से जुड़ा हुआ नहीं हूं. एक डॉक्टर होने के नाते मैं मरीजों का इलाज करता हूं. उनकी विचारधारा से मेरा कोई ताल्लुक नहीं है. मैंने देशभर के कई लोगों का इलाज किया है, जिसमें जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला भी शामिल हैं.

इस क्रम में कौल ने कहा, ‘मैंने जांचकर्ताओं को बता दिया कि मलिक को 1995-1996 में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) एक वरिष्ठ अधिकारी ही इलाज के लिए मेरे पास लेकर आये थे.   डॉ उपेंद्र कौल द्वारा स्पष्टीकरण दिये जाने के बाद उन्हें एनआईए के मुख्यालय से जाने दिया गया. कौल  वर्तमान में बत्रा हार्ट सेंटर के चेयरमैन हैं. उन्होंने एम्स सहित सरकारी और निजी क्षेत्र में कई अस्पतालों में कार्डियोलॉजी यूनिट की स्थापना  की हैं.

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