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#NASA  ने पहली बार देखा, सूर्य से 60 लाख गुना वजनी #BlackHole ने तारे को तोड़ दिया

नासा ने बताया कि ब्रह्मांड में ज्वारीय विघटन बहुत ही विरल है और प्रत्येक 10,000 से 1,00,000 वर्षों में हमारी खुद की आकाशगंगा के बराबर के तारक-पुंज या आकाशगंगा (गैलेक्सी) में एक बार यह घटना होती है.

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Washington :   पहली बार अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के शोधकर्ताओं ने सूर्य से 60 लाख गुना वजनी ब्लैक होल (Black Hole) द्वारा ब्रह्मांडीय उथल-पुथल (कॉस्मिक कैटक्लिज्म) के तहत एक तारे को टूटते हुए देखा है. इस प्रक्रिया को ज्वारीय विघटन (टाइडल डिसरप्शन) भी कहते हैं. इस विनाशकारी खगोलीय घटना को नासा के ग्रहीय खोज के लिए भेजे गये उपग्रह ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) और नील गेहरेल्स स्विफ्ट वेधशाला एवं अन्य संयंत्रों की मदद से पहली बार बारीकी से देखा गया.

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घटना की खोज 29 जनवरी को  एएसएएस-एसएन नेटवर्क की मदद से की गयी

नासा के अनुसार इस ब्रह्मांडीय घटना की खोज 29 जनवरी को विश्व भर में फैले 20 रोबोटिक दूरबीनों वाले एएसएएस-एसएन नेटवर्क की मदद से की गयी, जिसका मुख्यालय अमेरिका की ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में है. नासा ने जानसारी दी कि जब होलोइन को नेटवर्क के दक्षिण अफ्रीका में स्थित उपकरण से घटना की जानकारी मिली,  तब उन्होंने तुरंत चिली के लास कैम्पनास स्थित दो रोबोटिक दूरबीनों को ब्रह्मांड में हो रही इस घटना के वास्तविक स्थान का पता लगाने के काम पर लगाया और सटीक नजर रखने के लिए अन्य एजेंसियों की मदद हासिल की.

तापमान  40,000 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 20,000 डिग्री सेल्सियस  रह गया 

टीईएसएस ने पहली बार इस ज्वारीय विघटन को 21 जनवरी को रिकॉर्ड किया था. सह लेखक और नेशनल साइंस फाउंडेशन में स्नातक शोधकर्ता पैट्रिक वॉलेली ने कहा कि एएसएएसएसएन-19बीटी की चमक बहुत स्पष्ट थी जिसकी वजह से इस घटना की ज्वारीय विघटन के रूप में पहचान करने में मदद मिली. होलोइन की टीम के अनुसार दूरबीन की मदद से जिन पराबैंगनी रोशनी का पता चला, उसका तापमान महज कुछ दिनों में 40,000 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 20,000 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया.

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अब तक केवल 40 ऐसी घटनाएं देखी गयी हैं

नासा ने बताया कि ब्रह्मांड में ज्वारीय विघटन बहुत ही विरल है और प्रत्येक 10,000 से 1,00,000 वर्षों में हमारी खुद की आकाशगंगा के बराबर के तारक-पुंज या आकाशगंगा (गैलेक्सी) में एक बार यह घटना होती है. अब तक केवल 40 ऐसी घटना देखी गयी है. अध्ययन के प्रमुख लेखक कैलिफोर्निया स्थित कार्नेजी वेधशाला के थॉमस होलोइन ने कहा कि टीईएसएस की मदद से यह देखने में सफलता मिली कि एएसएएसएसन-19बीटी नामक घटना वास्तव में कब शुरू हुई जिसे हम पहले कभी नहीं देख सके थे.

 वोलन्स तारामंडल से करीब 37 करोड़ 50 लाख प्रकाश वर्ष दूर है

होलोइन के अनुसार ज्वारीय विघटन की जल्द ही पहचान धरती पर स्थित ऑल स्काई ऑटोमेटेड सर्वे फॉर सुपरनोवा (एएसएएस-एसएन) से की गयी और इस वजह से हम शुरूआती कुछ दिन में बहु-तरंगदैर्ध्य को सक्रिय कर अवलोकन में सफल हुए. कहा कि इस भौतिक घटना के समझने के लिए शुरुआती आंकड़े बहुत महत्वपूर्ण होंगे. एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार यह ब्लैक होल 2एमएएसएक्स जे 07001137-6602251 आकाशगंगा के बीच में है. यह वोलन्स तारामंडल से करीब 37 करोड़ 50 लाख प्रकाश वर्ष दूर है. कटे हुए तारे का आकार हमारे सूर्य के बराबर हो सकता है.

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