
Bhopal: मध्य प्रदेश में राजनीतिक दृष्टिकोण से सोमवार का दिन अहम है. सोमवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है. साथ ही 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार फ्लोर टेस्ट का सामना कर सकती है. हालांकि सरकार के बहुमत परीक्षण को लेकर सस्पेंस बरकरार है.
फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस
मध्य प्रदेश होली से एक दिन पहले 9 मार्च को सियासी उठापटक तेज हो गई थी. 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद बीजेपी का दावा है कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है. हालांकि, स्पीकर ने 6 मंत्रियों के इस्तीफे ही फिलहाल मंजूर किये हैं.
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वहीं सोमवार को कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस है, क्योंकि विधानसभा की कार्यसूची में इसका जिक्र नहीं हैं. कार्यसूची में केवल राज्यपाल के अभिभाषण का जिक्र है. इधर सियासी उठापटक के बीच रविवार देर रात सूबे के सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की है.
बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के साथ ही 22 विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इनमें से 6 मंत्री भी है. 6 मंत्रियों का इस्तीफा तो मंजूर हो चुका है, लेकिन 16 विधायकों के इस्तीफे को स्पीकर ने अबतक मंजूर नहीं किया है. उधर सीएम कमलनाथ ने बीजेपी पर उनके विधायकों को बंधक बनाने का आरोप लगाया है.
MP govt has lost its majority, running away from floor test: Shivraj Singh Chouhan
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— ANI Digital (@ani_digital) March 15, 2020
जबकि बीजेपी नेता और पूर्व सीएम शिवराज सिंह का कहना है कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है और बहुमत परीक्षण से भाग रही है.
देर रात राज्यपाल से मिले कमलनाथ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार देर रात राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. राजभवन से देर रात करीब 12 बज कर 20 मिनट पर बाहर आते हुए कमलनाथ ने संवाददाताओं से कहा कि राज्यपाल ने उन्हें चर्चा के लिए बुलाया था.
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उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने उनसे कहा कि विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित की जाये. जिसपर जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि वो सोमवार सुबह इस बारे में स्पीकर से बात करेंगे.
Madhya Pradesh Minister PC Sharma: They (rebel Congress MLAs who are kept in Bengaluru) are being hypnotized & terrorized and are not allowed by (some people) to come to the state, their families are being harassed. (15.03.2020) pic.twitter.com/Yos8OT3sRl
— ANI (@ANI) March 16, 2020
राज्यपाल के निर्देशानुसार सदन में शक्ति परीक्षण सोमवार को कराये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में स्पीकर कोई फैसला लेंगे.
उन्होंने बताया कि वह पहले ही राज्यपाल को लिखित में दे चुके हैं कि उनकी सरकार सदन में शक्ति परीक्षण के लिए तैयार है. लेकिन बंधक बनाये गये विधायकों को पहले छोड़ा जाना चाहिए.
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उसके 22 विधायकों को भाजपा ने बंधक बना कर रखा है. इन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. स्पीकर एन पी प्रजापति ने इनमें से छह विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
हरियाणा में पांच दिन बाद भोपाल लौटे भाजपा विधायक
मध्य प्रदेश में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच भाजपा के विधायक हरियाणा के रिजॉर्ट में पांच दिन बिताने के बाद रविवार देर रात एक चार्टर्ड विमान में भोपाल लौट आए.
मध्य प्रदेश में राजनीतिक संकट उत्पन्न होने के बीच पार्टी अपने विधायकों को एकजुट रखने के प्रयास में उन्हें 10 मार्च को मानेसर के रिजॉर्ट ले गई थी.
ये विधायक रविवार देर रात करीब दो बजे भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे पर उतरे. प्रदेश भाजपा प्रमुख वी. डी. शर्मा और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने अन्य नेताओं के साथ इन विधायकों का स्वागत किया. पार्टी के सूत्रों ने बताया कि विधायकों को एक होटल में ले जाया गया है.
बता दें कि जयपुर के दो रिजॉर्ट में ठहरे कांग्रेस के विधायक भी रविवार को भोपाल लौट आए थे और उन्हें विधानसभा से करीब एक किलोमीटर दूर एमपी नगर इलाके में होटल कोर्टयॉर्ड मेरियट में ठहराया गया है.
उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते 22 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के पहले दिन उनके (राज्यपाल) अभिभाषण के बाद विश्वास मत कराने का निर्देश दिया था.
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