
Ranchi : राजनीतिक पार्टियां अपने चुनावी एजेंडों की घोषणा तो कर रही है, लेकिन कहीं भी जन मुद्दे नजर नहीं आ रहे हैं. इन एजेंडों में सिर्फ उन्हीं बातों को शामिल किया जा रहा है, जो लोगों की भावनाओं से जुड़ी हैं. उक्त बातें फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष दीपक मारू ने कहीं. वे प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद आते हैं वोट मांग कर चले जाते हैं. इसके बाद उन्हें मुद्दों और समस्याओं से कोई लेना देना नहीं रहता. कहा कि पहले तो एजेंडे भी सुझाव लेकर बनाये जाते थे, लेकिन इस चुनाव में ऐसा नहीं हो रहा है. राजनीतिक पार्टियां कोई वार्तालाप नहीं कर रही. ऐसे में अब चैंबर सोचता है कि चैंबर ही राजनीतिक पार्टियों को अपने मुद्दे दे. इसके लिए चैंबर विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं से बात कर एजेंडा तय करेगा. पार्टियों को चाहिए कि व्यावसायिक संगठनों से भी सलाह ले. इस क्रम में दीपक मारू ने कहा कि चैंबर की ओर से पिछले कई सालों से विभिन्न अभियान चलाये गये. लेकिन किसी भी अभियान में सरकार ने साथ नहीं दिया. बड़ा तालाब बचाने के लिए भी चैंबर की ओर से ही पहल की गयी. सरकार ने कोई मदद नहीं की. जयपाल सिंह स्टेडियम को बचाने की मांग भी हमारी ओर से ही उठायी गयी. लेकिन इस पर भी किसी का साथ नहीं मिला. अब चैंबर इस चुनाव में खुद ही एजेंडे तय करेगा.
इसे भी पढ़ेंःलालू ने किया दावाः महागठबंधन में वापस आना चाहते थे नीतीश, प्रशांत किशोर को भेजा था मिलने
चैंबर समाज के अलग अलग वर्गों के साथ बात करेगा
सह सचिव प्रवीण जैन छाबड़ा ने जानकारी दी कि आने वाले कुछ दिनों तक चैंबर समाज के अलग अलग वर्गों के साथ बात करेगा. लोगों की समस्याओं को सुनेगा. इसके बाद जो निष्कर्ष निकल कर आयेगा, वही एजेंडे में शामिल किया जायेगा. इसे राजनीतिक पार्टियों को दिया जायेगा. जानकारी दी गयी कि शुक्रवार से ही इसकी शुरुआत कर दी जायेगी. जिसमें युवा उद्यमियों से बात की जायेगी. इसके बाद शनिवार को विद्यार्थियों से और इसके बाद महिलाओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जायेगी. प्रवीण ने कहा कि व्यावसायिक संगठन बिना जनमानस के कुछ भी नहीं.
इसे भी पढ़ेंः दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को नहीं मिल रहा झारखंड जैसे छोटे राज्य में अदद उम्मीदवार




