
NewDelhi : भारतीय सेना के शीर्ष कमांडरों ने 13 लाख जवानों वाली फौज में बड़े सुधारों के लिए एक मेगा प्लान को मंजूरी दी है जिसमें उसके अधिकारी कैडर का पुनर्निर्माण, महत्वपूर्ण कमानों की आयु कम करना, बढ़ते राजस्व व्यय को रोकना और बल की संख्या दुरुस्त करना शामिल है. आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (ACC) में प्रमुख नीतिगत पहलों और ऑपरेशनल मुद्दों पर विचार के बाद इस योजना को मंजूरी दी गयी. अधिकारियों ने कहा कि काफी समय से लंबित सुधारों को मंजूरी देने का फैसला सैन्य कमांडरों के सम्मेलन में लिया गया. बता दें कि शीर्ष स्तरीय सम्मेलन साल में दो बार होता है जिसमें प्रमुख नीतिगत मामलों और अभियान संबंधी विषयों पर चर्चा होती है. सेना के सूत्रों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से सुधारों को लागू किया जायेगा.
इसे भी पढ़ेंः गुजरात दंगों पर हामिद अंसारी का सवाल, संविधान के अनुच्छेद 355 का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया
सम्मेलन की अध्यक्षता सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत कर रहे हैं
बता दें कि सप्ताह भर चलने वाले सम्मेलन की अध्यक्षता सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत कर रहे हैं. सम्मेलन की शुरूआत नौ अक्टूबर को हुई थी. सम्मेलन में अभियान और आंतरिक प्रशासनिक मुद्दों के अलावा देश के सामने मौजूद विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जा रहा है. सेना मुख्यालय ने बल की कार्य क्षमता का विस्तार करने, बजट खर्च कम करने, आधुनिकीकरण करने और आकांक्षाओं पर ध्यान देने के समग्र उद्देश्य से चार अध्ययन किये थे. सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा कि कमांडरों के सम्मेलन में यह निष्कर्ष निकला कि अध्ययनों को चरणबद्ध तरीके से क्रमिक रूप में अपनाया जायेगा. खबरों के अनुसार सम्मेलन में ऑपरेशनल और इंटरनल ऐडमिनिस्ट्रेटिव मुद्दों सहित चीन पाकिस्तान बॉर्डर समेत सुरक्षा से जुड़ी तमाम चुनौतियों पर भी विमर्श किया गया.
अधिकारियों के अनुसार कमांडरों ने सुधारवादी कदमों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए 360 डिग्री मूल्यांकन किया जायेगा. सेना के प्रवक्ता ने बताया कि री-ऑर्गनाइजेशन ऐंड राइट-साइजिंग ऑफ द इंडियन आर्मी ऑपरेशनल स्ट्रक्चर को पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए दक्ष बनाने के उद्देश्य से किया गया है.
इसे भी पढ़ेंः मी टू…अभियान : एमजे अकबर पर लगे आरोपों की सत्यता की जांच होगी : अमित शाह




