
Mumbai : महाराष्ट्र में भाजपा की परेशानी बढ़ती चली जा रही है. शिवसेना आंखें दिखाते हुए भाजपा से आश्वासन मांग रही है कि ढाई-ढाई साल के फॉर्म्युले पर वह लिखित आश्वासन दे, तभी सरकार को समर्थन दिया जायेगा. शिवसेना भाजपा को 50-50 का फॉर्म्युले की याद दिला रही है. बता दें कि कांग्रेस ने शिवसेना को साथ लेने के लिए दरवाजे खोल रखे हैं . हालांकि कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी ने विपक्ष में ही बैठने की बात कही है. एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने साफ किया है कि वह शिवसेना के साथ जाने के बजाय विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे .
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मातोश्री में शिवसेना विधायक दल की बैठक हुई
मुंबई में उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री में आज शिवसेना विधायक दल की बैठक हुई . शिवसेना के नेता प्रताप सरनायक ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि बैठक में तय हुआ है कि जैसा कि अमित शाह जी ने लोकसभा चुनाव से पहले 50-50 फॉर्म्युले का वादा किया था, उसके हिसाब से दोनों दलों को 2.5-2.5 साल सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए . शिवसेना का सीएम भी होना चाहिए. उद्धव जी को भाजपा से लिखित आश्वासन मिलना चाहिए .
जान लें कि भाजपा को बहुमत से कम 105 सीटें मिली हैं, इसलिए शिवसेना किंगमेकर की भूमिका में आ चुकी है . उसे 56 सीटें मिली हैं. उसने आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है . सत्ता के समान बंटवारे के साथ ही शिवसेना पहले ढाई साल के लिए आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव भाजपा के सामने रखने की तैयारी में है .
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शिवसेना हमें कोई प्रस्ताव देती है तो हम सोच सकते हैं : कांग्रेस
शिवसेना के लिए विकल्प खुले रखने की बात कहने वाले कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वाडेत्तिवार कहते है कि गेंद भाजपा के पाले में है . कहा कि शिव सेना को फैसला लेना है कि क्या वह अपना पांच साल का सीएम चाहती है या 2.5 साल के सीएम की मांग पर भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार करेगी . अगर सेना हमें कोई प्रस्ताव देती है तो हम उस पर अपने आला कमान के साथ बात करेंगे .
इससे पहले विजय वाडेत्तिवार ने कहा था,अगर शिव सेना का भाजपा के साथ खटपट होती है और वह विकल्प तलाशती है तो हम सोच सकते हैं .उन्होंने कहा, हमें राज्य की जनता ने विरोधी की भूमिका सौंपी है और हम यह भूमिका निभाएंगे भी, लेकिन अगर किसी विकल्प पर बात की जानी है तो शिव सेना को हमारे पास आना होगा . उन्हें ही हमसे संपर्क करना होगा .
ठाकरे को भावी मुख्यमंत्री बताने वाले पोस्टर नजर आये
शिवसेना के तेवरों से लग रहा है कि वह भाजपा से अलग राह भी पकड़ सकती है . एक दिन पहले शुक्रवार को वर्ली में आदित्य ठाकरे को भावी मुख्यमंत्री बताने वाले पोस्टर नजर आये . वहीं, शिवसेना नेता संजय राउत ने अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न बाघ को एनसीपी का चुनाव चिह्न घड़ी पहने और भाजपा के चुनाव चिह्न कमल को सूंघता हुआ एक कार्टून ट्विटर पर पोस्ट किया था.इस कार्टून का यह राजनीतिक अर्थ निकाला जा रहा है कि शिवसेना भाजपा को संकेत देना चाहती है कि वह बदली परिस्थितियों में एनसीपी के साथ भी जा सकती है.
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