
Mumbai: महाराष्ट्र में सियासी जंग जारी है. महाराष्ट्र की सियासत में पिछले एक महीने से ड्रामा चल रहा है. इसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है. वहीं इसी गतिरोध के बीच महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का एक और मामला सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पहुंच गया है.
एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस ने एसीबी द्वारा अजित पवार को सिंचाई घोटाले में क्लीनचिट मिलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. तीनों पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी अर्जी में कहा है कि जब तक विधानसभा सदन में शक्ति परीक्षण नहीं हो जाता तब तक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के किसी भी तरह के नीतिगत निर्णय लेने पर रोक लगायी जाये.
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सबूतों के अभाव में मिला क्लिनचिट
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को सोमवार को बड़ी राहत मिली. उनके खिलाफ चल रहे 72 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाला मामले को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया है.
महाराष्ट्र के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के सूत्रों ने अनुसार इस घोटाले में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है. सूत्रों के अनुसार एसीबी के अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया में सिंचाई घोटाले से संबंधित जो लिस्ट सर्कुलेट हो रहा है उसमें से कोई भी मामला महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार से संबंधित नहीं है.
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फिर खोला जा सकता है केस
एसीबी का कहना है कि जो मामले बंद किये गये हैं वो सशर्त हैं, यदि इन मामलों में कोई नयी जानकारी आती है या कोर्ट इस मामले में जांच का आदेश देता है तो फिर इन मामलों को फिर से खोला जा सकता है.
महाराष्ट्र एसीबी के डीजी परमबीर सिंह ने कहा कि हम लोग सिंचाई सें संबंधित शिकायतों के 3000 टेंडर की जांच कर रहे हैं. जो मामले बंद किये गये हैं वो रूटीन किस्म के हैं. इस मामले में पहले की तरह जांच जारी है.




