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देश के 50 शहरों के लिए बन रही लॉजिस्टिक्स योजना, झारखंड सरकार भी गंभीर

नवल किशोर सिंह

Ranchi: सरकारी और गैर सरकारी उपक्रमों के औद्योगिक उत्पादन की लागत में कमी लाने के उद्देश्य से लॉजिस्टिक्स नीति बनाए जाने की तैयारी की जा रही है. केन्द्र सरकार ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं.

केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय देश के 50 चुनिंदा शहरों के लिए लॉजिस्टिक्स योजना तैयार करने में जुटा है. जिन शहरों को लॉजिस्टिक्स नीति से जोड़ा जाएगा, उसके चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

इस योजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा उत्पादित सामानों की लागत मूल्य में कमी लाना है. प्रथम चरण में जिन चुनिंदा 50 शहरों को लॉजिस्टिक्स नीति से जोड़ा जाएगा उन्हें देश के अन्य शहरों के लिए उसे मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा. उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय ने इस कार्य में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय का भी सहयोग लेने का निर्णय लिया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय लॉजिस्टिक सुविधा के मामलों में राज्यों का मूल्यांकन व रैंकिंग भी करेगा. इस आधार पर यह देखा जाएगा कि राज्यों में कारोबार की सुगमता के लिए लॉजिस्टिक सुविधा किस स्तर की है और इसका क्या लाभ मिल रहा है.

बीते दिनों लॉजिस्टिक्स नीति पर राज्य सरकारों के साथ केंद्र सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में यह बात उभर कर सामने आई. लॉजिस्टिक्स सुविधा के विकास में राज्य सरकार को भी आगे आने की जरूरत है.

निजी क्षेत्र के उद्यमियों को भी इस दिशा में प्रयास शुरू करना चाहिए. राष्ट्रीय सम्मेलन में लॉजिस्टिक्स के विकास के लिए राज्यों के सामने कुल 18 बिंदुओं पर चर्चा की गयी.

जिसमें मुख्य रुप से राज्यों की लॉजिस्टिक्स नीति में लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस की मंजूरी का सरलीकरण और विकास में सहयोग, मालवाहक ट्रकों की आवाजाही को सुगम बनाने और ट्रक ड्राइवरों की कमी को दूर करने सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा किया गया.

इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकारों को भी अपनी लॉजिस्टिक नीति निश्चित रूप से बनानी चाहिए. सभी राज्यों को इस दिशा में आधारभूत संरचनाएं विकसित कर प्रयास शुरू कर देना चाहिए.

सम्मेलन में विभिन्न राज्य सरकारों की ओर से लॉजिस्टिक्स नीति के विकास और इसके उद्देश्यों को लेकर चर्चा की गयी. मौके पर गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों सरकारों ने लॉजिस्टिक्स नीति संबंधी पहल की जानकारियों से अवगत कराया.

वहीं, केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति लॉजिस्टिक्स सेक्टर के समेकित विकास में काफी सहायक साबित होगी.

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झारखंड सरकार गंभीरता पूर्वक कर रही है विचार

केंद्र सरकार द्वारा इस दिशा में की गयी पहल पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए झारखंड सरकार के उद्योग विभाग ने भी इस संबंध में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की पहल पर राज्यों को अपने स्तर से लॉजिस्टिक्स नीति बनाने की छूट होगी.

राज्य सरकार अपने पास मौजूद संसाधनों और आधारभूत संरचनाओं के अनुरूप लॉजिस्टिक्स नीति बनाने की दिशा में कदम उठा सकती है. राज्य सरकारों द्वारा बनाई गयी लॉजिस्टिक्स नीति का समय-समय पर मूल्यांकन और मॉनिटरिंग केंद्र सरकार के उद्योग मंत्रालय द्वारा की जाएगी.

जिन राज्यों की लॉजिस्टिक्स नीति बेहतर होगी और जिससे औद्योगिक व आर्थिक विकास को गति मिलेगी, वैसे राज्यों को चिन्हित कर केंद्रीय उद्योग व वाणिज्य मंत्रालय द्वारा रैंकिंग दी जाएगी.

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