
Ranchi : मुंबई में फंसे झारखंड के करीब 180 प्रवासी मज़दूर गुरूवार सुबह 8 बजे झारखंड लौट गये है. सभी मजदूर एयर एशिया की फ्लाइट से झारखंड लौटे है.
सबसे बड़ी बात यह है कि लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को विमान से घऱ वापसी कराने वाला झारखंड पहला राज्य हो गया है.
राजधानी के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से जैसे ही सभी मजदूर बाहर निकले, सभी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को धन्यवाद दिया. इन मजदूरों के साथ कुछ बच्चे भी थे. बच्चों ने मुख्यमंत्री को कहा, ‘थैंक्यू हेमंत अंकल.’
मजदूरों ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान वे काफी परेशानी का सामना कर रहे थे. झारखंड सरकार ने उनकी चिंता को देख एक विशेष पहल की. जिसका परिणाम है कि वे आज अपने घर लौट आये हैं.
मजदूरों की मदद के लिए रांची जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी और कर्मचारी भी लगे हुए थे.
इसे भी पढ़ें – #Corona : रांची के मेडिका हॉस्पिटल में भर्ती 4 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाये गये, झारखंड का आंकड़ा पहुंचा 462
एयरपोर्ट परिसर में की गयी मेडिकल स्क्रीनिंग
एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही इन मजदूरों और बच्चों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गयी. उन्हें नाश्ता और पानी की बोतल दिये गये. उसके बाद एयरपोर्ट से ही इन्हें सम्मान रथ से उनके गृह जिले के लिए रवाना किया गया.
इसके लिए रांची ज़िला प्रशासन की ओर से बसों की व्यवस्था की गयी थी.
बता दें कि मुख्यमंत्री भी इन मजदूरों की घर वापसी को लेकर लगातार प्रयासरत थे. सीएम की इस पहल पर एलुमनाई नेटवर्क ऑफ नेशनल स्कूल ऑफ लॉ, बेंगलुरु ने भी अपना अहम योगदान दिया है.
इसे भी पढ़ें – तबाह होता प्रिंट मीडिया,बेरोजगार होते पत्रकार और टकटक देखती अमानवीय सरकारें
हजारीबाग के सबसे अधिक मजदूर फंसे थे मुंबई में, संख्या थी 41
मुंबई से जो मजदूर घर पहुंचे हैं, वे राज्य के कई जिलों के रहने वाले है. इसमें बोकारो के 05, धनबाद के 9, देवघर के 10, जामताड़ा के 2, गोड्डा के 1, गिरिडीह के 29, हजारीबाग के 41, कोडरमा के 11, चतरा के 5, गढ़वा के 2, पलामू के 9, पूर्वी सिहभूम के 3, पश्चिमी सिंहभूम के 8, गुमला के 1, सिमडेगा 28 और रांची जिला के 16 प्रवासी मजदूर शामिल हैं.
इसे भी पढ़ें – धनबाद: मुजफ्फरपुर व्यवसायी इरशाद से रंगदारी मांगने के मामले में ढुल्लू को मिली जमानत




