
Ranchi : संयुक्त वाम दलों की बैठक राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक स्थित सीपीआई प्रदेश कार्यालय में पूर्व सांसद सह सीपीआई के राज्य सचिव कॉमरेड भुनेश्वर प्रसाद मेहता की अध्यक्षता संपन्न हुई. सीपीआई नेता भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है.
संविधान में निहित अभिव्यक्ति की आजादी को केंद्र सरकार छीनने की कोशिश कर रही है. केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर तरह-तरह के प्रपंच कर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. पिछले सात महीनों से किसान दिल्ली के बॉर्डर पर अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलनरत हैं. लाखों की संख्या में जमा किसानों में कई किसान भाइयों की जान इस आंदोलन के दरमियान गयी.
लेकिन केंद्र सरकार इतने संवेदनहीन हैं कि इन्हें इन किसानों की पुकार सुनाई नहीं दे रही है. देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति चरमरा गयी है. महंगाई से आम जनता परेशान है.
मेहता ने कहा कि इन तमाम मुद्दों को लेकर किसान संघर्ष समन्वय समिति ने 26 जून को देश के सभी राज्यों में स्थित राजभवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन और धरना देने का निर्णय लिया है. इस आंदोलन का समर्थन भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर सभी ट्रेड यूनियनों ने किया है. मेहता ने कहा कि किसानों और जन मुद्दे पर जायज मांगों के समर्थन में वामदल भी इस आंदोलन में शामिल रहेंगे.




