
Ladakh: भारत और चीन की सेना फिर आमने-सामने दिखी. बुधवार सुबह पूर्वी लद्दाख में दोनों देश की सेनाएं भिड़ गयीं. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, इस दौरान भारतीय और चीन सेनाओं के बीच काफी देर धक्का-मुक्की होती रही.
Ladakh: Indian, Chinese soldiers engage in face-off near Pangong Tso Lake
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— ANI Digital (@ani_digital) September 12, 2019
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना 134 किमी लंबी पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर हुई. हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर पर बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हो गयी. गौरतलब है कि झील के एक तिहाई हिस्से पर चीन का नियंत्रण है, क्योंकि यह तिब्बत से लेकर लद्दाख पर फैली हुई है.
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पैंगॉन्ग झील किनारे पेट्रोलिंग के दौरान विवाद
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बुधवार सुबह को भारतीय सेना के जवान पैंगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर पेट्रोलिंग कर रहे थे. इसी दौरान भारतीय जवानों का सामना चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से हुआ. चीनी सेना, भारतीय जवानों की मौजूदगी का विरोध कर रहे थे.
जिसके बाद दोनों सेनाओं के जवानों के बीच नोकझोंक हुई. बाद में सीमा पर जवानों की संख्या बढ़ा दी गयी. देर शाम तक दोनों पक्षों के बीच इस तरह का संघर्ष जारी रहा.
Indian Army: There was a face off between soldiers of Indian Army and Chinese Army near the northern bank of the Pangong lake. The face off was over after the delegation level talks between two sides there. De-escalated & disengaged fully after delegation level talks yesterday. pic.twitter.com/dZY9Mp04l2
— ANI (@ANI) September 12, 2019
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टीओआइ के मुताबिक, भारतीय सेना से संपर्क किया गया तो बताया गया कि तनाव करने के लिए दोनों पक्षों के ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी बातचीत के लिए सहमत हैं.
सेना के एक अधिकारी ने ये भी बताया कि LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग मान्यताओं के चलते इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं. बाद में इसका समाधान बॉर्डर पर्सनल मीटिंग, फ्लैग मीटिंग या अन्य तरह से किया जाता है.
गौरतलब है कि पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर 5 से फिंगर 8 के विवादित इलाके में अगस्त 2017 में भी दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. वहीं 2017 में ही डोकलाम में एक सड़क निर्माण को लेकर दोनों देशों के सैनिकों के बीच काफी दिनों तक तनातनी रही.
लंबे समय तक चले डोकलाम गतिरोध ने दोनों देशों के बीच चले आ रहे सीमा विवाद को और भी बढ़ा दिया था. 73 दिनों तक एक दूसरे के सामने खड़े रहने के बाद सैनिक वापस अपने स्थान पर चले गए.
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