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कोलकाता पुलिस प्रमुख, पूर्व सांसद पूछताछ के लिए सीबीआइ के समक्ष हुए पेश

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Shillong : कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद कुणाल घोष चिटफंड मामलों में पूछताछ के लिए सोमवार को सीबीआइ के समक्ष पेश हुए. कुमार आज तीसरे दिन और घोष दूसरे दिन सीबीआइ के समक्ष पेश हुए. इस संबंध में एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घोष सुबह करीब 10 बजे सीबीआइ कार्यालय पहुंचे जबकि कुमार उनके एक घंटे बाद पहुंचे.

उन्होंने बताया कि रविवार को जांच एजेंसी ने कुमार से अकेले और फिर घोष के साथ पूछताछ की थी. यह पूछताछ आठ घंटे से अधिक समय तक चली थी. तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद को 2013 में शारदा पौंजी घोटाले में गिरफ्तार किया गया था और 2016 से वह जमानत पर हैं. उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार सीबीआइ दोनों से पूछताछ कर रही है. सीबीआइ के तीन अधिकारियों ने कुमार से शनिवार को शारदा मामले में जरूरी सबूतों से छेड़छाड़ करने में उनकी कथित भूमिका को लेकर करीब नौ घंटे तक पूछताछ की थी.

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उसने रविवार को रोज वैली मामले में भी पूछताछ की गयी. शारदा घोटाले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) का नेतृत्व कुमार ने किया था. बाद में मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी गयी थी. दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि कुमार की पूछताछ सत्र की वीडियो बनाने की मांग को स्वीकार नहीं किया है. उन्होंने बताया कि ऐसा सिर्फ हिरासत में पूछताछ के दौरान किया जाता है.

घोष ने इससे पहले भाजपा नेता मुकुल रॉय और 12 अन्य लोगों पर शारदा घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था. मुकुल रॉय एक समय पर बनर्जी के दाहिना हाथ हुआ करते थे। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए. उच्चतम न्यायालय ने कुमार को सीबीआइ के समक्ष पेश होने और मामलों की जांच में ‘‘ईमानदारी’’ से सहयोग करने का मंगलवार को निर्देश दिया था. अदालत ने ही पूछताछ के लिए शिलोंग का चयन किया था ताकि सभी अनावश्यक विवाद से बचा जाए. साथ ही कुमार को गिरफ्तार ना किए जाने का आश्वासन भी दिया था.

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सूत्रों के अनुसार इसका उद्देश्‍य सियासी जंग में उतरने से पूर्व कांग्रेस नेताओं को अपने राजनीतिक शत्रु RSS के बारे में अवगत कराना था, ताकि वे आसानी से RSS का मुकाबला कर सकें.

कुमार से कोलकाता स्थित उनके निवास पर अचानक पूछताछ के लिए पहुंचे सीबीआइ अधिकारियों को कोलकाता पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद एजेंसी ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था. सीबीआइ के इस कदम का विरोध करते हुए कोलकाता की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीन दिन तक धरना दिया था. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर तख्तापलट का आरोप भी लगाया था.

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