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Patna, 10 November : भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने आज वित्त मंत्री अरुण जेटली पर फिर हमला बोला. उन्होंने कहा कि माल एवं सेवा कर :जीएसटी: को लागू करते समय जेटली ने दिमाग नहीं लगाया और उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रह चुके सिन्हा ने कहा कि नोटबंदी से भी कालेधन को प्रणाली से बाहर करने का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ है.
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार नोटबंदी और जीएसटी पर सिर्फ झूठ का सहारा ले रही है. सिन्हा ने यहां बिहार के पूर्व विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी द्वारा आरक्षण पर आयोजित कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से अलग से बातचीत में कहा, ‘‘वित्त मंत्री ने जीएसटी को लागू करते समय दिमाग नहीं लगाया. यही वजह है कि आज उन्हें हर दिन जीएसटी में बदलाव करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि जेटली ने जएसटी का झमेला बना दिया.
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यह बात मैं पूरी जिम्मेदारी से बोल रहा हूं
सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री को नया वित्त मंत्री लाना चाहिए. ‘‘यह बात मैं पूरी जिम्मेदारी से बोल रहा हूं.’’ सिन्हा का यह बयान ऐसे दिन आया है जबकि जेटली की अगुवाई में गुवाहाटी में जीएसटी परिषद की बैठक में कई घरेलू इस्तेमाल की वस्तुओं पर जीएसटी दर को 28 से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘अब सरकार कह रही है कि 227 वस्तुओं में से 200 पर कर की दर को 28 से घटाकर 18 प्रतिशत पर लाया जाएगा.’’ उन्होंने सवाल किया क्या इस कटौती से राजस्व संग्रह कम होगा.
सिन्हा ने कहा कि जीएसटी का मौजूदा ढांचा गड़बड़ है. यही वजह है कि सरकार को इसमें रोज संशोधन करना पड़ रहा है. नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि हम कह सकते हैं कि एक साल बाद भी इससे कालाधन समाप्त नहीं हुआ है. नोटबंदी और जीएसटी दोनों से अर्थव्यवस्था की रफ्तार घटी है.
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99 प्रतिशत बंद नोट प्रणाली में वापस लौट चुके हैं
सिन्हा ने बताया कि अटॉर्नी जनरल ने उच्चतम न्यायालय में कहा था कि सरकार को उम्मीद है कि चार से पांच लाख करोड़ रुपये वापस नहीं लौटेंगे. लेकिन 99 प्रतिशत बंद नोट प्रणाली में वापस लौट चुके हैं. उन्होंने कुछ केंद्रीय मंत्रियों के इन बयानों को हास्यास्पद बताया कि नोटबंदी के बाद जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी कम हुई है. सिन्हा ने कहा कि सरकार हर चीज का श्रेय नोटबंदी को देने का प्रयास कर रही है. उन्होंने अंत में यह भी कहा कि वह चुनावी राजनीति से ‘संन्यास’ ले चुके हैं.




