
Khunti: बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के झारखंड आने का सिलसिला जारी है. इन मजदूरों को उचित दिशा मिले, इसके लिए जिला प्रशासन खूंटी अपनी तैयारी को पुख्ता करने में जुटी है. जिला प्रशासन ने गृह सचिव, भारत सरकार द्वारा लॉकडाउन की वजह से विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को गृह जिला में लाने के लिए दिये गये आदेश के बाद सोमवार रात केरला के कोजिकोड, कर्नाटक के बंगलूरु, राजस्थान के नागपुर मंडवा व झारखंड के धनबाद में फंसे 33 प्रवासी मजदूरों को खूंटी लाया गया.
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कहां से कितने मजदूर वापस लौटे
घर लौटने वाले प्रवासी मजदूरों में खूंटी लौटने वाले मजदूरों में धनबाद से 02, केरला के कोजिकोड से 2, केरला के कोजिकोड से मुरहू प्रखंड के 01 और कर्नाटक के बेंगलुरू से मुरहू प्रखंड के 1, केरला के कोजिकोड से कर्रा प्रखंड के 2, कर्नाटक के बेंगलुरू कर्रा प्रखंड के 3, केरला के चकितापुरम से तोरपा प्रखंड के 1, कोजिकोड से तोरपा प्रखंड के 2 और कर्नाटक के बेंगलुरू से तोरपा प्रखंड के 7 और राजस्थान के नागपुर मंडवा से रनिया प्रखंड के 12 मजदूर शामिल हैं.
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जांच के बाद 28 दिनों तक होम क्वारेंटाइन
वहीं लौटे प्रवासी मजदूरों का जिला प्रशासन ने थर्मल स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य परीक्षण कराया. उनके भोजन व पेयजल की समुचित व्यवस्था भी की गयी. मंगलवार को सभी मजदूरों को बसों से उनके घर भेजा गया.
वहीं इससे पहले खूंटी डीसी सूरज कुमार द्वारा सभी मजदूरों को 28 दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रहने का सख्त निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि इसके उल्लंघन की स्थिति में संबंधित मजदूर के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई करने का प्रावधान है.
जिला प्रशासन द्वारा खूंटी जिले के प्रवासी मजदूरों के अलावा अन्य को लाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं. साथ ही जिला स्तर के नोडल पदाधिकारियों द्वारा अन्य राज्यों व जिलों के नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है.
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