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कसमार: तीन माह की योजना तीन सालों में भी नहीं हो पायी पूरी, निकाल ली गई राशि

कुआं बना नहीं लेकिन राशि की हो गयी निकासी, बीपीओ सहित चार पर गबन का मामला दर्ज

Bokaro: राज्य सरकार मनरेगा योजना को रोजगार सृजन के कारगर उपाय के रूप में देख रही है. लेकिन मनरेगा योजनाओं में राशि के गबन मामले अमूमन रोजाना सामने आ रहे हैं. ताजा मामला बोकारो के कसमार प्रखंड के मंजूरा पंचायत का है. जहां मनरेगा कूप निर्माण में फर्जी तरीके से लगभग 11 लाख रूपये की निकासी कर ली गयी.

मनरेगा कूप निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत कसमार बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा को मिली थी. जिसकी जांच के बाद कार्रवाई करते हुए मनरेगा बीपीओ पवन कुमार गुप्ता, तत्कालीन पंचायत सेवक ध्रुवपद गोप, मुखिया नरेश कुमार महतो एवं रोजगार सेवक पद्मालोचन गोराई के खिलाफ कसमार थाना में सरकारी राशि गबन करने का मामला दर्ज कराया है.

क्या है मामला

बीडीओ की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, उपरोक्त चारों की मिलीभगत से वित्तीय वर्ष 2015-16 में स्वीकृत  झरमुंगा के कमल महतो कूप योजना में 7524 रुपये के बदले 2 लाख 28 हजार 34 रुपये और पगारटांड़ के रिखीलाल महतो कूप निर्माण योजना पर 1लाख 19 हजार110 रुपये के बदले 2 लाख 29 हजार 30 रुपये. जबकि वर्ष 2016-17 में स्वीकृत मनरेगा कूप निर्माण योजना में भूताही टोला के विजय महतो के कूप निर्माण योजना से 29 हजार 925 रुपये के बदले 3 लाख 32 हजार 537 रुपये,  मंजूरा के कपिलेश्वर महतो के कूप पर 3 लाख 44 हजार 14 रुपये, खपराकनारी के जेठू महतो कूप निर्माण योजना पर 2 लाख 13 हजार 566 के बदले 3 लाख 47 हजार 111 रुपये तथा करमाली टोला के राजू करमाली के कूप निर्माण योजना पर 2 लाख 79 हजार 779 के बदले 3 लाख 44 हजार 284 रुपये निकासी कर ली गयी है.

मनरेगा के तहत बन रहा कुआं आज जी अधूरा, लेकिन निकाल ली गयी योजना की राशि

इस तरह बगैर मापी पुस्तिका भरे कार्य को पूर्ण दिखाकर  बिना मापी पुस्तिका भरे लगभग 11 लाख रुपये से अधिक राशि की हड़प ली गयी.

भौतिक निरीक्षण में सामने आयी गड़बड़ियां

मनरेगा के चारों कूप निर्माण योजनाओं में शिकायत मिलने के बाद बीडीओ ने बीपीओ पवन कुमार गुप्ता, पंचायत सचिव प्रफुल्ल महतो, जेई विंदेश्वर मुर्मू को भौतिक निरीक्षण का जिम्मा सौंपा था. भौतिक निरीक्षण में सभी योजनायें अधूरी पायी गयी. ना ही तय समय सीमा में काम पूरा किया गया. कूप निर्माण की तीन माह की योजना तीन साल में भी पूर्ण नहीं हुई है.

गबन को लेकर कसमार थाना कांड-54/2020, IPC की धारा 467, 468, 471, 420, 409 के तहत मामला दर्ज किया गया है. वहीं बीडीओ की ओर मनरेगा बीपीओ व रोजगार सेवक सेवा संविदा रद्द करने, साथ ही पंचायत सचिव पर विभागीय कार्रवाई करने की अनुशंसा कर दी गयी है.

रोजगार सेवक कार्यमुक्त

मामले को देखते हुए बीडीओ ने रोजगार सेवक पदमालोचन गोराई को मनरेगा कार्य योजना से मुक्त कर इनके जगह रामू मांझी को मनरेगा योजनाओं का कार्य देखने का आदेश जारी किया है.

मामले पर कसमार बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि कूप निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत के बाद जांच की गयी, जिसमें सरकारी राशि के गबन की बात सच निकली. जिसके बाद मामले पर कार्रवाई करते हुए प्रथामिकी दर्ज करायी गयी है.

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