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कश्मीर: 83वें दिन भी सामान्य नहीं जनजीवन, इंटरनेट सेवाओं पर रोक अब भी जारी

Srinagar: कश्मीर घाटी में जनजीवन शनिवार को लगातार 83वें दिन भी प्रभावित रहा. जहां मुख्य बाजार बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहे.

अधिकारियों ने बताया कि कुछ इलाकों में तड़के सुबह कुछ घंटों के लिए दुकानें खुलीं लेकिन करीब 11 बजे तक इन दुकानों के भी शटर गिरा दिये गये.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से कश्मीर में लगातार जनजीवन प्रभावित रह रहा है.

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इंटरनेट सेवाओं पर रोक अब भी जारी

उन्होंने बताया कि ग्राहकों की भारी भीड़ इन दुकानों पर जुटी और शहर के केंद्र और आस-पास के इलाकों में निजी वाहनों की संख्या बढ़ने से कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम रहा. घाटी में मुख्य बाजार और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे.

ऑटो रिक्शा और कुछ अंतरराज्यीय कैब भी कुछ इलाकों में आते-जाते दिखे लेकिन सार्वजनिक परिवहन के अन्य माध्यम सड़कों से नदारद ही रहे. इंटरनेट सेवाओं पर घाटी में रोक अब भी जारी है.

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हिरायत व नजरबंद कई नेता

ज्यादातर शीर्ष स्तर के अलगाववादी नेताओं को एहतियात के तौर पर हिरासत में ले लिया गया है. जबकि दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को या तो हिरासत में लिया गया है या नजरबंद कर रखा गया है.

अन्य पूर्व मुख्यमंत्री व श्रीनगर से लोकसभा के मौजूदा सांसद फारुक अब्दुल्ला को विवादित लोक सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है.

यह कानून फारुक के पिता एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला ने 1978 में लागू किया था जब वह मुख्यमंत्री थे. 

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