
Bengaluru: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सदन में हुमत हासिल कर लिया है. उन्होंने ध्वनि मत के जरिये विश्वास प्रस्ताव जीत कर विधानसभा में सोमवार को अपना बहुमत साबित किया.
संख्या बल भाजपा सरकार के पक्ष में होने की वजह से कांग्रेस-जेडीएस ने येदियुरप्पा द्वारा पेश किये गये एक पंक्ति के विश्वास प्रस्ताव पर मत विभाजन का दबाव नहीं बनाया.
इस प्रस्ताव में येदियुरप्पा ने कहा था कि सदन उनके नेतृत्व में बनी तीन दिन पुरानी सरकार में भरोसा जताता है. विपक्ष ने मत विभाजन के लिए दबाव नहीं बनाया ऐसे में अध्यक्ष के आर रमेश ने घोषणा की कि प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया जाता है.
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स्पीकर का इस्तीफा
बीएस येदियुरप्पा सरकार ने बहुमत साबित कर दिया है. इसी बीच स्पीकर रमेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पद छोड़ने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो डिप्टी स्पीकर है अभी वह इस पद को संभालेंगे.
Bengaluru: #Karnataka legislative assembly speaker KR Ramesh Kumar tenders his resignation from the post. pic.twitter.com/GW2U63pXQ7
— ANI (@ANI) July 29, 2019
प्रतिशोध की राजनीति में भरोसा नहीं- येदियुरप्पा
भाजपा के आसानी से विश्वासमत हासिल करने की संभावना थी, क्योंकि अध्यक्ष द्वारा 17 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद 225 सदस्यीय विधानसभा की संख्या घट कर 208 रह गई थी.
इससे पहले प्रस्ताव पेश करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि कांग्रेस- जेडीएस शासन के दौरान प्रशासनिक तंत्र पटरी से उतर गया है और कहा कि उनकी प्राथमिकता इसे वापस पटरी पर लाना है.
उन्होंने कहा कि वह प्रतिशोध की राजनीति में लिप्त नहीं होंगे क्योंकि वह भूल जाने और माफ करने के सिद्धांत में विश्वास करते हैं. येदियुरप्पा ने कहा, “मेरा मुख्यमंत्री बनना लोगों की उम्मीदों के अनुरूप है.”
येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने कठिन स्थिति में पद संभाला है, जब राज्य सूखे से ग्रस्त है. साथ ही कहा, “प्रशासनिक तंत्र ढह गया है.मेरी प्राथमिकता इसे वापस पटरी पर लाने की है.” उन्होंने इसमें विपक्ष के सहयोग की भी मांग की.
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अनैतिक है ये सरकार- कांग्रेस
कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने कहा कि येदियुरप्पा सरकार असंवैधानिक एवं अनैतिक है और उन्होंने इसके ज्यादा समय तक चल पाने पर संदेह जताया.
सिद्धारमैया ने कहा, “आपके पास लोगों का जनादेश नहीं है.” आपके पक्ष में जनादेश कहां है.बहुमत कहां है.येदियुरप्पा महज 105 सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री बने हैं.”
सिद्धारमैया ने येदियुरप्पा से कहा, “चलिए देखते हैं आप कितने लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहते हैं.मैं चाहता हूं कि आप मुख्यमंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करें लेकिन मेरे विचार में आप इसे पूरा नहीं कर पाएंगे.”
जेडीएस नेता एच डी कुमारस्वामी ने येदियुरप्पा के आरोप का खंडन किया कि प्रशासनिक तंत्र पटरी से उतर गया है. उन्होंने कहा कि यह एक निराधार आरोप है जो मुख्यमंत्री के मुंह से शोभा नहीं देता.
कुमारस्वामी ने कहा, “आप किस तरह सत्ता में आए हैं मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करुंगा. आप साजिश के जरिए सत्ता में आए हैं.”
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