
Bengaluru: कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन वाली सरकार 18 जुलाई को सदन में फ्लोर टेस्ट का सामना करेगी. विधानसभा के अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने सोमवार को बताया कि मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की ओर से लाये गए विश्वासमत के प्रस्ताव पर 18 जुलाई को सदन में विचार किया जायेगा.
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उल्लेखनीय है कि 16 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद बीजेपी लगातार दावा कर रही है कि कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में है. और सीएम को इस्तीफा देना चाहिये.
18 जुलाई को कुमारस्वामी सरकार की परीक्षा
स्पीकर केआर रमेश कुमार ने विधानसभा में बताया कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के दौरान विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद यह तारीख तय की गयी है. विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं सदन के नेता कुमारस्वामी की ओर से लाए गए विश्वास मत के प्रस्ताव पर 11 बजे से सदन में विचार किया जाएगा.
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इससे पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने कहा कि विश्वास मत पर गुरुवार को चर्चा कराये जाने का निर्णय किया गया है. उन्होंने संवाददताओं से कहा, ‘‘दोनों पक्ष गुरुवार को 11 बजे विश्वास मत पर चर्चा के लिए राजी हो गए हैं .’’
भाजपा ने कहा कि पार्टी विश्वास मत के कार्यक्रम से सहमत है.
पत्रकारों से बात करते हुए, भाजपा के वरिष्ठ विधायक जे सी मधुस्वामी ने कहा कि पार्टी इसके लिए सहमत हो गई है और उन्होंने कहा कि यह भी मांग की है कि जब तक सरकार अपना बहुमत साबित नहीं करती है, तब तक कोई विधेयक पेश नहीं किया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि कांग्रेस, जेडीएस और दो निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे पर अड़े होने के कारण कर्नाटक की सियासत में संकट जारी है.
क्या कहते हैं आंकड़े
गुरुवार को फ्लोर टेस्ट के दौरान अगर 16 बागी विधायक सरकार के खिलाफ वोटिंग करते हैं तो इस स्थिति में सरकार के पक्ष में 100 वोट पड़ेंगे.
ये संख्या बहुमत के लिए जरूरी 112 के आंकड़े से कम है. ऐसे में कुमारस्वामी सरकार सदन में फ्लोर टेस्ट में फेल हो जायेगी.
अगर बागी विधायक सदन से अनुपस्थित रहें.
इस स्थिति में विश्वासमत के समय, सदन में सदस्यों की संख्या 207 रह जायेगी. ऐसे में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 104 का हो जायेगा. लेकिन, बागियों की अनुपस्थिति में सरकार के पक्ष में केवल 100 वोट पड़ेंगे और सरकार गिर जाएगी.
तीसरे केस में अगर स्पीकर बागियों को अयोग्य ठहरा देते हैं तो भी सदन में विश्वासमत के वक्त सरकार को बहुमत के लिए 104 का संख्या बल चाहिए. और यह उसके पास नहीं होगा. ऐसे में भी सरकार गिर जायेगी.
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